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आरोपी पिता को पांच साल की सजा
Updated Fri, 10 Aug 2018 10:56 PM IST
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पिथौरागढ़। बेटी के साथ दुराचार का प्रयास करने वाले पिता को विशेष सत्र न्यायाधीश ने पांच साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले के अनुसार डीडीहाट क्षेत्र के एक गांव में 13 वर्षीय किशोरी अपने पिता के साथ रहती थी। दो नवंबर 2016 की रात व्यक्ति ने अपनी बेटी के साथ दुराचार का प्रयास किया। किशोरी किसी तरह से अपने पिता के चंगुल से निकलने में कामयाब रही। इस घटना के अगले दिन किशोरी ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 में अपने साथ हुए उत्पीड़न की सूचना दी। इस पर पिथौरागढ़ से चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्यों ने गांव पहुंचकर जानकारी हासिल की। किशोरी ने लगभग बीस दिन पहले भी पिता द्वारा इस तरह की हरकत करने का आरोप लगाया।
पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने अपने दोनों बेटों को घर से निकाल दिया था। किशोरी की शिकायत पर राजस्व पुलिस में आरोपी पिता के खिलाफ आईपीसी की धारा 376/511 सहित पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। यह मामला बाद में पुलिस को हस्तांतरित हुआ। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए।
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इस मामले में अदालत में राजस्व उपनिरीक्षक, पुलिस अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्य, चिकित्सक और पीड़िता के भाई सहित अन्य गवाह प्रस्तुत किए गए। शुक्रवार को इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी ने दुराचार का प्रयास करने के आरोपी पिता को दोषी पाते हुए पांच साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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मामले के अनुसार डीडीहाट क्षेत्र के एक गांव में 13 वर्षीय किशोरी अपने पिता के साथ रहती थी। दो नवंबर 2016 की रात व्यक्ति ने अपनी बेटी के साथ दुराचार का प्रयास किया। किशोरी किसी तरह से अपने पिता के चंगुल से निकलने में कामयाब रही। इस घटना के अगले दिन किशोरी ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 में अपने साथ हुए उत्पीड़न की सूचना दी। इस पर पिथौरागढ़ से चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्यों ने गांव पहुंचकर जानकारी हासिल की। किशोरी ने लगभग बीस दिन पहले भी पिता द्वारा इस तरह की हरकत करने का आरोप लगाया।
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पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने अपने दोनों बेटों को घर से निकाल दिया था। किशोरी की शिकायत पर राजस्व पुलिस में आरोपी पिता के खिलाफ आईपीसी की धारा 376/511 सहित पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। यह मामला बाद में पुलिस को हस्तांतरित हुआ। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए।
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इस मामले में अदालत में राजस्व उपनिरीक्षक, पुलिस अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्य, चिकित्सक और पीड़िता के भाई सहित अन्य गवाह प्रस्तुत किए गए। शुक्रवार को इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी ने दुराचार का प्रयास करने के आरोपी पिता को दोषी पाते हुए पांच साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया।