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बिना फिंगरप्रिंट मिलान के कैंटीन से सामान नहीं मिलेगा
Updated Fri, 25 May 2018 11:33 PM IST
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पिथौरागढ़। सेना कैंटीन में बिना फिंगरप्रिंट मिलान के मदिरा और सामान नहीं मिल पाएगा। इस व्यवस्था से डुप्लीकेसी की आशंका पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।
जिला सैनिक कल्याण परिषद के सदस्य पूर्व सैन्य अधिकारी नरेंद्र चंद ने बताया कि सेना की कैंटीनों में फिंगरप्रिंट के बगैर पूर्व सैनिकों, कार्यरत सैनिकों को मदिरा और सामान नहीं मिल पाएगा। फिलहाल पिथौरागढ़ के आर्टलरी की कैंटीन में यह व्यवस्था लागू हो गई है। अन्य कैंटीनों में भी यह व्यवस्था जल्द ही लागू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में सैनिकों को जिला सैनिक कल्याण कार्यालय से जारी परिचय पत्र के आधार पर कैंटीन से सामान मिल जाया करता था। संज्ञान में आया कि लोग कैंटीन से सामान लेकर परिचितों को बांट देते थे।
सरकार ने फिर स्मार्ट कार्ड लागू करते हुए सामान खरीदने की लिमिट तय कर दी। इसके अनुसार सैनिक को प्रतिमाह 4000, जेसीओ रैंक को 7500 और सैन्य अधिकारियों को 10,000 रुपये तक का सामान मिलता है। यह व्यवस्था लागू होने के बाद भी कैंटीन का सामान गलत हाथों में पहुंचने से नहीं रुक पाया। अब पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं को केवल फिंगरप्रिंट मिलान के बाद ही सामान मिल पाएगा।
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जिला सैनिक कल्याण परिषद के सदस्य पूर्व सैन्य अधिकारी नरेंद्र चंद ने बताया कि सेना की कैंटीनों में फिंगरप्रिंट के बगैर पूर्व सैनिकों, कार्यरत सैनिकों को मदिरा और सामान नहीं मिल पाएगा। फिलहाल पिथौरागढ़ के आर्टलरी की कैंटीन में यह व्यवस्था लागू हो गई है। अन्य कैंटीनों में भी यह व्यवस्था जल्द ही लागू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में सैनिकों को जिला सैनिक कल्याण कार्यालय से जारी परिचय पत्र के आधार पर कैंटीन से सामान मिल जाया करता था। संज्ञान में आया कि लोग कैंटीन से सामान लेकर परिचितों को बांट देते थे।
सरकार ने फिर स्मार्ट कार्ड लागू करते हुए सामान खरीदने की लिमिट तय कर दी। इसके अनुसार सैनिक को प्रतिमाह 4000, जेसीओ रैंक को 7500 और सैन्य अधिकारियों को 10,000 रुपये तक का सामान मिलता है। यह व्यवस्था लागू होने के बाद भी कैंटीन का सामान गलत हाथों में पहुंचने से नहीं रुक पाया। अब पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं को केवल फिंगरप्रिंट मिलान के बाद ही सामान मिल पाएगा।
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