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शहीद के सम्मान के लिए भटक रहे वीरांगना और पुत्र
Updated Tue, 27 Mar 2018 12:11 AM IST
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पिथौरागढ़। क्षेत्रीय संघर्ष समिति चामाचौड़-पाताल भुवनेश्वर-चौड़मन्या के अध्यक्ष दिवाकर रावल के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंची कारगिल शहीद शेर सिंह नेगी की वीरांगना नंदी देवी और पुत्र वीरेंद्र नेगी ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर उनके परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी देने के साथ ही आमहाट की सड़क का नाम शहीद के नाम पर करने की मांग की।
उन्होंने बताया कि चौड़मन्या के आमहाट निवासी वीर शेर सिंह कार्की कारगिल युद्ध के दौरान 18 जुलाई 1999 तो शहीद हो गए थे। शहीद होने के बाद शहीद के सम्मान में कई घोषणा की गई लेकिन उन पर अमल सरकारी अमला नहीं करा पाया। शहीद के गांव जाने वाली सड़क का नाम शहीद के नाम पर रखने की मांग तक पूरी नहीं की गई। शहीद के परिवार के किसी सदस्य को नियमानुसार सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए, लेकिन शहीद शेर सिंह परिवार के साथ ऐसा नहीं हुआ। शहीद की वीरांगना नंदी और पुत्र वीरेंद्र ने जिलाधिकारी से शहीद को सम्मान देते हुए दोनों मांगें पूरी कराने की गुहार लगाई। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने शहीद की वीरांगना और पुत्र को दोनों मामलों में शासन को प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया है।
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