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पिथौरागढ़ में महिलाओं ने पूरी आस्था से मनाया करवाचौथ
Updated Sun, 08 Oct 2017 10:40 PM IST
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पिथौरागढ़। जिले में करवाचौथ का पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने पर्व की सारी तैयारी शनिवार को ही पूरी कर ली थी। रविवार सुबह से ही महिलाओं ने अन्न और जल ग्रहण करना बंद कर दिया। रात में चांद के दर्शन होने पर ही महिलाओं ने व्रत को तोड़ा। करवाचौथ का व्रत पति की दीर्घायु के लिए रखा जाता है। पहले पहाड़ पर इसका प्रचलन नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे यह कस्बों तक भी मनाया जाने लगा है।
नगर के खड़कोट मोहल्ले में महिलाओं ने दिन के समय करवाचौथ की सामूहिक पूजा की। पंडित नीरज जोशी ने करवाचौथ की पूजा कराते हुए बताया कि चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश से संबंधित होता है, इसलिए करवाचौथ पर गणेश पूजन और देवी पूजन अनिवार्य रूप से किया जाता है। उन्होंने कहा कि हर धार्मिक मान्यता के पीछे कोई न कोई आस्था जुड़ी होती है। करवाचौथ के दिन गणेश और देवी का पूजन करने से ज्यादा फल मिलते हैं। पूजा के समय रश्मि ढेक, इंदु मेहता, नीमा गड़कोटी, अनीता बिष्ट, सपना बिष्ट समेत तमाम महिलाएं मौजूद थीं।
उधर, तिलढुकरी मोहल्ले में पंजाबी मूल की महिलाओं ने करवाचौथ का पर्व पूरे उल्लास के साथ मनाया। महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजन किया और चांद के दर्शन किए। जिन महिलाओं के पति घर से बाहर हैं उन्होंने फोन से बात कर और वीडियो कॉल कर अपना व्रत तोड़ा। इस मौके पर रीता लांबा, सोनिया लांबा, रीता साहनी, विनीता, सुनीता, सोनी, स्नेहा, किरन साहनी, मीनाक्षी समेत अन्य महिलाएं मौजूद थी। नगर के अन्य मोहल्लों में भी करवाचौथ का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया।
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रश्मि ने पति से फोन पर बात कर तोड़ा व्रत
खड़कोट मोहल्ला निवासी रश्मि पुनेठा के पति सेना की कुमाऊं स्काउट्स में रानीखेत में तैनात हैं। रश्मि का विवाह 11 साल पहले हो गया था लेकिन करवाचौथ के मौके पर पति बहुत कम बार उपस्थित हो पाए। इस बार भी उनके सामने यही स्थिति आई। रश्मि ने चांद के दर्शन के बाद पति को फोन किया और व्रत तोड़ा।
शांति ने अरुणाचल में तैनात पति से की बात
खड़कोट मोहल्ले की शांति खैनाल के पति भारतीय सेना की कुमाऊं रैपिड में अरुणाचल प्रदेश में तैनात हैं। शांति का विवाह सात साल पहले हो गया था। पति अब तक दो तीन बार ही करवाचौथ पर घर आ पाए। आज भी शांति के पति घर नहीं आ पाए। शांति ने पति से फोन पर बात की और व्रत तोड़ने की अनुमति मिलने के बाद भोजन किया।
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नगर के खड़कोट मोहल्ले में महिलाओं ने दिन के समय करवाचौथ की सामूहिक पूजा की। पंडित नीरज जोशी ने करवाचौथ की पूजा कराते हुए बताया कि चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश से संबंधित होता है, इसलिए करवाचौथ पर गणेश पूजन और देवी पूजन अनिवार्य रूप से किया जाता है। उन्होंने कहा कि हर धार्मिक मान्यता के पीछे कोई न कोई आस्था जुड़ी होती है। करवाचौथ के दिन गणेश और देवी का पूजन करने से ज्यादा फल मिलते हैं। पूजा के समय रश्मि ढेक, इंदु मेहता, नीमा गड़कोटी, अनीता बिष्ट, सपना बिष्ट समेत तमाम महिलाएं मौजूद थीं।
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उधर, तिलढुकरी मोहल्ले में पंजाबी मूल की महिलाओं ने करवाचौथ का पर्व पूरे उल्लास के साथ मनाया। महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजन किया और चांद के दर्शन किए। जिन महिलाओं के पति घर से बाहर हैं उन्होंने फोन से बात कर और वीडियो कॉल कर अपना व्रत तोड़ा। इस मौके पर रीता लांबा, सोनिया लांबा, रीता साहनी, विनीता, सुनीता, सोनी, स्नेहा, किरन साहनी, मीनाक्षी समेत अन्य महिलाएं मौजूद थी। नगर के अन्य मोहल्लों में भी करवाचौथ का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया।
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रश्मि ने पति से फोन पर बात कर तोड़ा व्रत
खड़कोट मोहल्ला निवासी रश्मि पुनेठा के पति सेना की कुमाऊं स्काउट्स में रानीखेत में तैनात हैं। रश्मि का विवाह 11 साल पहले हो गया था लेकिन करवाचौथ के मौके पर पति बहुत कम बार उपस्थित हो पाए। इस बार भी उनके सामने यही स्थिति आई। रश्मि ने चांद के दर्शन के बाद पति को फोन किया और व्रत तोड़ा।
शांति ने अरुणाचल में तैनात पति से की बात
खड़कोट मोहल्ले की शांति खैनाल के पति भारतीय सेना की कुमाऊं रैपिड में अरुणाचल प्रदेश में तैनात हैं। शांति का विवाह सात साल पहले हो गया था। पति अब तक दो तीन बार ही करवाचौथ पर घर आ पाए। आज भी शांति के पति घर नहीं आ पाए। शांति ने पति से फोन पर बात की और व्रत तोड़ने की अनुमति मिलने के बाद भोजन किया।