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देवि का मंदिर में छाजि रै फूल हजारी...
Updated Tue, 29 Aug 2017 10:56 PM IST
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थल (पिथौरागढ़)। द्योकोली गांव के त्रिपुरासुंदरी मंदिर में मंगलवार को लगे मेले में झोड़ा-चांचरी की धूम मच गई। महिलाओं ने ‘देवि का मंदिर में छाजि रै फूल हजारी, द्योकोली का मंदिर में म्याल लागि रौ आज’ गीत गाकर देवी की स्तुति की। मंदिर में सुबह पुजारी बंशीधर पंत ने पूजा-अर्चना की।
अपरान्ह दो बजे से मेले में भीड़ जुटनी शुरू हुई। इस मेले का मुख्य आकर्षण झोड़ा और चांचरी हैं। आसपास के कई गांवों के लोग मंदिर में पहुंचते हैं। इनमें कुकरौली, साता और बलतिर गांव के लोग परंपरा के अनुसार ढोल-नगाड़ों के साथ मंदिर में प्रवेश करते हैं।
मेले में धिंगतड़, खोलीमाली, भांतड़, मेलती, चलमोड़ी, द्योकोली, अठक्वाली, मुकुट, गडेरा, मस्मोली, मालासीमा, अल्मियागांव, ओखलगांव, टोपराधार, डुंगरी, कुकरौली, अटलगांव, मड़गांव, डोलाधार, बिचकोट, भकुना, भैस्यूड़ी, कसाण समेत आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग पहुंचे थे। मेला स्थल पर 40 अस्थायी दुकानें लगी, जहां जलेबी और मिठाई की जमकर बिक्री हुई।
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मंदिर कमेटी के अध्यक्ष भुवन उपाध्याय, गंगा सिंह मेहता, कमल कन्याल, लोकमणि जोशी, मोहन जोशी आदि ने व्यवस्था बनाने में सहयोग दिया। मेला देर शाम तक जारी रहा। देवी को प्रसन्न करने के लिए लोग हर साल नंदाष्टमी पर्व पर यहां जुटते हैं।
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अपरान्ह दो बजे से मेले में भीड़ जुटनी शुरू हुई। इस मेले का मुख्य आकर्षण झोड़ा और चांचरी हैं। आसपास के कई गांवों के लोग मंदिर में पहुंचते हैं। इनमें कुकरौली, साता और बलतिर गांव के लोग परंपरा के अनुसार ढोल-नगाड़ों के साथ मंदिर में प्रवेश करते हैं।
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मेले में धिंगतड़, खोलीमाली, भांतड़, मेलती, चलमोड़ी, द्योकोली, अठक्वाली, मुकुट, गडेरा, मस्मोली, मालासीमा, अल्मियागांव, ओखलगांव, टोपराधार, डुंगरी, कुकरौली, अटलगांव, मड़गांव, डोलाधार, बिचकोट, भकुना, भैस्यूड़ी, कसाण समेत आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग पहुंचे थे। मेला स्थल पर 40 अस्थायी दुकानें लगी, जहां जलेबी और मिठाई की जमकर बिक्री हुई।
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मंदिर कमेटी के अध्यक्ष भुवन उपाध्याय, गंगा सिंह मेहता, कमल कन्याल, लोकमणि जोशी, मोहन जोशी आदि ने व्यवस्था बनाने में सहयोग दिया। मेला देर शाम तक जारी रहा। देवी को प्रसन्न करने के लिए लोग हर साल नंदाष्टमी पर्व पर यहां जुटते हैं।