{"_id":"5c83f86dbdec22147760e93f","slug":"81552152685-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेयजल स्रोत ध्वस्त होने से ग्रामीण परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेयजल स्रोत ध्वस्त होने से ग्रामीण परेशान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कनालीछीना (पिथौरागढ़)। सड़क सुधारीकरण का मलबा गिरने से लीमाटोड़ा-स्यूंवन पेयजल स्रोत और लाइन ध्वस्त हो गई है। इसके चलते 500 की आबादी को पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने 17 मार्च तक गांव में पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं होने पर अगले दिन जिला मुख्यालय में प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
लोनिवि अस्कोट की ओर से पीपली-कनालीछीना सड़क में सुधारीकरण का कार्य किया जा रहा है। सड़क के मलबे से पेयजल स्रोत और लाइन पर क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्राम पंचायत बचकोट के प्रधान विशन सिंह भंडारी ने बताया कि अवर अभियंता दिनेश जोशी को पेयजल स्रोत, लाइन क्षतिग्रस्त होने की सूचना दी गई।
इसके बाद पांच मार्च को लोनिवि अस्कोट के अधिशासी अभियंता को भी इस संबंध में शिकायती पत्र सौंपा। अभी तक स्रोत और लाइन को दुरुस्त करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
विज्ञापन
पानी नहीं आने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शीघ्र पेयजल स्रोत और क्षतिग्रस्त लाइन को ठीक करने की मांग उठाई है। 17 मार्च तक पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं की गई तो ग्रामीण जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करने को विवश होंगे।
विज्ञापन
लोनिवि अस्कोट की ओर से पीपली-कनालीछीना सड़क में सुधारीकरण का कार्य किया जा रहा है। सड़क के मलबे से पेयजल स्रोत और लाइन पर क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्राम पंचायत बचकोट के प्रधान विशन सिंह भंडारी ने बताया कि अवर अभियंता दिनेश जोशी को पेयजल स्रोत, लाइन क्षतिग्रस्त होने की सूचना दी गई।
विज्ञापन
इसके बाद पांच मार्च को लोनिवि अस्कोट के अधिशासी अभियंता को भी इस संबंध में शिकायती पत्र सौंपा। अभी तक स्रोत और लाइन को दुरुस्त करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
विज्ञापन
पानी नहीं आने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शीघ्र पेयजल स्रोत और क्षतिग्रस्त लाइन को ठीक करने की मांग उठाई है। 17 मार्च तक पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं की गई तो ग्रामीण जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करने को विवश होंगे।