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जिले में कराए गए कार्यों की जानकारी दी
Updated Thu, 08 Mar 2018 10:56 PM IST
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पिथौरागढ़। जिला जलागम समिति की बैठक में पावर प्वाइंट के माध्यम से जिले में कराए गए जलागम के कार्यों की जानकारी दी गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी ने समिति की अगली बैठक कार्यक्षेत्र के गांव में कराने के निर्देश दिए।
जिला कार्यालय सभागार में हुई बैठक में जलागम के परियोजना निदेशक बीसी त्रिपाठी ने बताया कि विश्व बैंक पोषित विकेंद्रीकृत जलागम विकास परियोजना के द्वितीय चरण का कार्य जिले के 63 ग्राम पंचायतों में चल रहा है। इसके लिए 9 सूक्ष्म जलागम क्षेत्र बनाए गए हैं। बेड़ीनाग के 5, डीडीहाट के 30, मुनस्यारी विकासखंड के 28 ग्राम पंचायतों के 147 राजस्व गांवों के 25739 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई टैंक, सिंचाई गूल, तालाब, बरसाती जल संग्रहण टैंक, चरी निर्माण, जल स्रोतों का संरक्षण आदि का काम किया जा रहा है। कृषि, पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वर्ष 2014-15 से शुरू हुई परियोजना वर्ष 2021-22 तक चलेगी। परियोजना से 6126 परिवारों के 30138 लोगों को लाभ मिल रहा है।
साथ ही 242 निर्बल वर्ग के व्यक्तियों को आजीविका चलाने के लिए 51.15 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। 48 निर्बल वर्ग समूह के 294 लाभार्थियों को 40.82 लाख रुपये की मदद दी गई है। 2100 पौधों का रोपण किया गया है। बताया गया कि जनवरी 2018 तक परियोजना की 91 प्रतिशत धनराशि व्यय हो गई है। बैठक में मौजूद ग्राम प्रधानों ने भी परियोजना से कराए गए कार्यों की जानकारी दी।
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जिला पंचायत अध्यक्ष जोशी ने कहा कि परियोजना के तहत मिले धन का सदुपयोग होना चाहिए। मुख्य विकास अधिकारी वंदना ने आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विद्यासागर कापड़ी, डीडीहाट की ब्लॉक प्रमुख जयंती देवी, जिला पंचायत सदस्य हरेंद्र चुफाल, कृषि अधिकारी पूजा पुनेड़ा, जिला पंचायतीराज अधिकारी सुरेंद्र वर्मा, हिमालयन अध्ययन केंद्र के निदेशक दिनेश जोशी आदि मौजूद थे।
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जिला कार्यालय सभागार में हुई बैठक में जलागम के परियोजना निदेशक बीसी त्रिपाठी ने बताया कि विश्व बैंक पोषित विकेंद्रीकृत जलागम विकास परियोजना के द्वितीय चरण का कार्य जिले के 63 ग्राम पंचायतों में चल रहा है। इसके लिए 9 सूक्ष्म जलागम क्षेत्र बनाए गए हैं। बेड़ीनाग के 5, डीडीहाट के 30, मुनस्यारी विकासखंड के 28 ग्राम पंचायतों के 147 राजस्व गांवों के 25739 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई टैंक, सिंचाई गूल, तालाब, बरसाती जल संग्रहण टैंक, चरी निर्माण, जल स्रोतों का संरक्षण आदि का काम किया जा रहा है। कृषि, पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वर्ष 2014-15 से शुरू हुई परियोजना वर्ष 2021-22 तक चलेगी। परियोजना से 6126 परिवारों के 30138 लोगों को लाभ मिल रहा है।
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साथ ही 242 निर्बल वर्ग के व्यक्तियों को आजीविका चलाने के लिए 51.15 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। 48 निर्बल वर्ग समूह के 294 लाभार्थियों को 40.82 लाख रुपये की मदद दी गई है। 2100 पौधों का रोपण किया गया है। बताया गया कि जनवरी 2018 तक परियोजना की 91 प्रतिशत धनराशि व्यय हो गई है। बैठक में मौजूद ग्राम प्रधानों ने भी परियोजना से कराए गए कार्यों की जानकारी दी।
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जिला पंचायत अध्यक्ष जोशी ने कहा कि परियोजना के तहत मिले धन का सदुपयोग होना चाहिए। मुख्य विकास अधिकारी वंदना ने आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विद्यासागर कापड़ी, डीडीहाट की ब्लॉक प्रमुख जयंती देवी, जिला पंचायत सदस्य हरेंद्र चुफाल, कृषि अधिकारी पूजा पुनेड़ा, जिला पंचायतीराज अधिकारी सुरेंद्र वर्मा, हिमालयन अध्ययन केंद्र के निदेशक दिनेश जोशी आदि मौजूद थे।