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राज्यसभा सदस्य टम्टा ने किया पंचेश्वर बांध का विरोध
Updated Sat, 02 Sep 2017 10:48 PM IST
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पिथौरागढ़। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने पंचेश्वर बांध का विरोध किया है। टम्टा ने कहा कि पहाड़ के लोगों की बलि चढ़ाकर मैदानी क्षेत्रों को सुविधा देने वाली इस परियोजना का कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी।
पत्रकारों से वार्ता में राज्यसभा सदस्य ने कहा कि दुनिया के बड़े देश बड़े बांधों से किनारा कर रहे हैं, लेकिन भारत सरकार 5040 मेगावाट क्षमता की बिजली परियोजना बनाने जा रही है। यह बांध पर्यावरण को बेहद नुकसान पहुंचाएगा। कहा कि परियोजना से 31000 परिवारों के दो लाख लोग प्रभावित हो रहे हैं। सरकार केवल 1308 लोगों को ही पूर्णरूप से प्रभावित मानती है। डीपीआर में स्पष्ट उल्लेख है कि पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चंपावत के 134 गांवों में से केवल 22 गांव पूर्णरूप से प्रभावित हैं।
जिन लोगों का मकान, जमीन डूब क्षेत्र में आ रहे हैं, उनको पूर्ण प्रभावित माना जा रहा है। जिन लोगों की जमीन ही डूब क्षेत्र में आ रही है, उन लोगों को सरकार पूर्ण प्रभावित नहीं मानती। पिथौरागढ़ के 87 गांव प्रभावित हो रहे हैं और विस्थापन केवल 16 गांवों का होगा। सरकार इतने गांवों को ही पूर्ण प्रभावित मानती है। कहा कि इन हालात में बांध प्रभावितों को निराशा ही हाथ लगनी है। वार्ता में विधायक हरीश धामी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, बागेश्वर के जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण मौजूद थे।
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पत्रकारों से वार्ता में राज्यसभा सदस्य ने कहा कि दुनिया के बड़े देश बड़े बांधों से किनारा कर रहे हैं, लेकिन भारत सरकार 5040 मेगावाट क्षमता की बिजली परियोजना बनाने जा रही है। यह बांध पर्यावरण को बेहद नुकसान पहुंचाएगा। कहा कि परियोजना से 31000 परिवारों के दो लाख लोग प्रभावित हो रहे हैं। सरकार केवल 1308 लोगों को ही पूर्णरूप से प्रभावित मानती है। डीपीआर में स्पष्ट उल्लेख है कि पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चंपावत के 134 गांवों में से केवल 22 गांव पूर्णरूप से प्रभावित हैं।
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जिन लोगों का मकान, जमीन डूब क्षेत्र में आ रहे हैं, उनको पूर्ण प्रभावित माना जा रहा है। जिन लोगों की जमीन ही डूब क्षेत्र में आ रही है, उन लोगों को सरकार पूर्ण प्रभावित नहीं मानती। पिथौरागढ़ के 87 गांव प्रभावित हो रहे हैं और विस्थापन केवल 16 गांवों का होगा। सरकार इतने गांवों को ही पूर्ण प्रभावित मानती है। कहा कि इन हालात में बांध प्रभावितों को निराशा ही हाथ लगनी है। वार्ता में विधायक हरीश धामी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, बागेश्वर के जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण मौजूद थे।
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