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गांवों को विकास प्राधिकरण के दायरे से बाहर करने की मांग मुखर
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पिथौरागढ़। नैनीसैनी क्षेत्र के गांवों को विकास प्राधिकरण के दायरे से बाहर रखने की मांग मुखर होने लगी है। क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक ग्राम सभाओं की बैठक में विकास प्राधिकरण के कारण हो रही परेशानियों पर चर्चा की गई। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा।
नैनीसैनी, ओड़माथा, सुजई और कनारी सहित आसपास के गांवों की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि विकास प्राधिकरण लागू होने के बाद कोई भी ग्रामीण निर्माण कार्य नहीं करा पा रहा है। नेशनल हाईवे रोड का मानक बताकर प्रशासन द्वारा भवन या अन्य निर्माण पर चालान काटे जा रहे हैं। इससे पूरे क्षेत्र के लोग परेशान हैं।
भवनों के नक्शे समय पर पास नहीं हो रहे हैं। लोगों को अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस समस्या को देखते हुए सभी ग्रामीणों ने विकास प्राधिकरण को समाप्त करने की मांग उठाई। कहा कि यदि उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। बाद में इस मांग से संबंधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। इसमें ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह, हरीश कुमार, ग्राम प्रधान रेनू देवी आदि शामिल थे।
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नैनीसैनी, ओड़माथा, सुजई और कनारी सहित आसपास के गांवों की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि विकास प्राधिकरण लागू होने के बाद कोई भी ग्रामीण निर्माण कार्य नहीं करा पा रहा है। नेशनल हाईवे रोड का मानक बताकर प्रशासन द्वारा भवन या अन्य निर्माण पर चालान काटे जा रहे हैं। इससे पूरे क्षेत्र के लोग परेशान हैं।
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भवनों के नक्शे समय पर पास नहीं हो रहे हैं। लोगों को अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस समस्या को देखते हुए सभी ग्रामीणों ने विकास प्राधिकरण को समाप्त करने की मांग उठाई। कहा कि यदि उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। बाद में इस मांग से संबंधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। इसमें ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह, हरीश कुमार, ग्राम प्रधान रेनू देवी आदि शामिल थे।
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