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बादल फटने के बाद की परिस्थितियों से कैसे निपटें
Updated Sun, 05 Aug 2018 10:52 PM IST
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। भारतीय सेना, आईटीबीपी, एसएसबी और स्थानीय पुलिस बलों की ओर से प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए चर्मा नदी में अभ्यास किया। इसमें स्थानीय ग्रामीणों, स्कूलों के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को बादल फटने के बाद की परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया।
इसमें आपदा के बाद मार्ग और पुल के टूटने की स्थिति में आवाजाही करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने, आपदा में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, घायलों को प्राथमिक चिकित्सा देने के बारे में बताया गया। इसके अलावा आपदा के दौरान काम आने वाले उपकरणों के बारे में भी जानकारी दी गई।
हाट गांव में आयोजित इस अभ्यास का नेतृत्व 10 सिख रेजीमेंट के कमांडेंट सतविंदर सिंह, मेजर अंकित, आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के डिप्टी कमांडेंट करमजीत, एसएसबी की 11वीं बटालियन के शेरिंग दोरजे ने किया। इस अभ्यास में एसआई मोहन बोरा, हाट गांव के सरपंच नंदन कफलिया आदि ने सहयोग दिया।
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इसमें आपदा के बाद मार्ग और पुल के टूटने की स्थिति में आवाजाही करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने, आपदा में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, घायलों को प्राथमिक चिकित्सा देने के बारे में बताया गया। इसके अलावा आपदा के दौरान काम आने वाले उपकरणों के बारे में भी जानकारी दी गई।
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हाट गांव में आयोजित इस अभ्यास का नेतृत्व 10 सिख रेजीमेंट के कमांडेंट सतविंदर सिंह, मेजर अंकित, आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के डिप्टी कमांडेंट करमजीत, एसएसबी की 11वीं बटालियन के शेरिंग दोरजे ने किया। इस अभ्यास में एसआई मोहन बोरा, हाट गांव के सरपंच नंदन कफलिया आदि ने सहयोग दिया।
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