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अस्थायी पुलों का मामला लटका
Updated Sat, 31 Mar 2018 10:44 PM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। लखनपुर और नजंग में महाकाली नदी पर अस्थायी पैदल पुल निर्माण का मामला फिर लटकता नजर आ रहा है। नेपाल सरकार ने शर्त रखी है कि भारत पहले दुम्लिंग में उसे अस्थायी पुल बनाने की अनुमति दे तभी वह लखनपुर और नजंग में अस्थायी पुल बनाने के लिए अपनी सहमति देगा।
नेपाल के विधायक गेल्बु बोरा ने तीन दिन पहले बताया था कि नेपाल सरकार ने लखनपुर और नजंग में लकड़ी के अस्थायी पुल बनाने की अनुमति दे दी है लेकिन अब नेपाल प्रशासन का कहना है कि गर्बाधार के नीचे महाकाली नदी पर दुम्लिंग गांव के लिए भी अस्थायी पुल बनाने की अनुमति भारत दे तभी वह लखनपुर और नजंग में पुल बनाने के लिए अनुमति देगा। नेपाल की इस शर्त से भारतीय प्रशासन असहज हो गया है।
एसडीएम आरके पांडेय ने नेपाल प्रशासन की इस शर्त पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि कागजी प्रक्रिया में अनावश्यक समय बर्बाद हो रहा है। इस बीच, एसडीएम पांडेय ने शनिवार को स्थानीय लोगों के साथ लखनपुर क्षेत्र का दौरा किया और अपने ही देश की सीमा पर काली नदी के किनारे से पैदल मार्ग बनाने की संभावनाएं तलाशीं। पांडेय ने कहा कि वैकल्पिक मार्ग बनाने के लिए कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
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नेपाल के विधायक गेल्बु बोरा ने तीन दिन पहले बताया था कि नेपाल सरकार ने लखनपुर और नजंग में लकड़ी के अस्थायी पुल बनाने की अनुमति दे दी है लेकिन अब नेपाल प्रशासन का कहना है कि गर्बाधार के नीचे महाकाली नदी पर दुम्लिंग गांव के लिए भी अस्थायी पुल बनाने की अनुमति भारत दे तभी वह लखनपुर और नजंग में पुल बनाने के लिए अनुमति देगा। नेपाल की इस शर्त से भारतीय प्रशासन असहज हो गया है।
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एसडीएम आरके पांडेय ने नेपाल प्रशासन की इस शर्त पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि कागजी प्रक्रिया में अनावश्यक समय बर्बाद हो रहा है। इस बीच, एसडीएम पांडेय ने शनिवार को स्थानीय लोगों के साथ लखनपुर क्षेत्र का दौरा किया और अपने ही देश की सीमा पर काली नदी के किनारे से पैदल मार्ग बनाने की संभावनाएं तलाशीं। पांडेय ने कहा कि वैकल्पिक मार्ग बनाने के लिए कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
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