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चालीस रुपये रोज में हो रही ग्राम प्रहरी की ड्यूटी
Updated Tue, 05 Sep 2017 11:16 PM IST
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पिथौरागढ़। महंगाई के इस दौर में ग्राम प्रहरी मात्र 40 रुपये रोज पर ड्यूटी कर रहे हैं। जिले में चार फरवरी 2004 को शासन ने 604 ग्राम प्रहरियों की तैनाती की थी। इनमें से कुछ को राजस्व पुलिस के और कुछ को रेगुलर पुलिस के अधीन किया गया है।
ग्राम प्रहरियों का कहना है कि एक वर्ष से उनको मानदेय का भुगतान भी नहीं हो पाया है। ग्राम प्रहरियों ने मंगलवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। कहा कि राजस्व विभाग में हो रही चतुर्थ श्रेणी पदों पर योग्य ग्राम प्रहरियों को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि 13 वर्ष से गांवों की सुरक्षा, कृषि गणना, चुनाव ड्यूटी, परीक्षा ड्यूटी जैसे कामों को कर रहे ग्राम प्रहरियों के सामने अब भविष्य को लेकर गंभीर चिंता खड़ी हो गई है। यदि मानदेय सम्मानजनक होता तो काम करने में मन लगा रहता। आरोप लगाया कि राजस्व विभाग में चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्ति के समय भी ग्राम प्रहरियों को दरकिनार किया जा रहा है। यदि सरकार नियमित सेवा में लेने की स्थिति में नहीं है तो सभी ग्राम प्रहरियों को संविदा पर तैनाती दी जाए।
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ग्राम प्रहरियों ने यह भी कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता तो वह न्यायालय की शरण लेंगे। ज्ञापन देने वालों में प्रकाश सिंह, हरीश प्रसाद, माधव सिंह, सुंदर लाल, राजेंद्र सिंह, नारायण राम, गिरीश चंद्र जोशी, शेखर तिवारी आदि थे।
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ग्राम प्रहरियों का कहना है कि एक वर्ष से उनको मानदेय का भुगतान भी नहीं हो पाया है। ग्राम प्रहरियों ने मंगलवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। कहा कि राजस्व विभाग में हो रही चतुर्थ श्रेणी पदों पर योग्य ग्राम प्रहरियों को प्राथमिकता दी जाए।
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उन्होंने कहा कि 13 वर्ष से गांवों की सुरक्षा, कृषि गणना, चुनाव ड्यूटी, परीक्षा ड्यूटी जैसे कामों को कर रहे ग्राम प्रहरियों के सामने अब भविष्य को लेकर गंभीर चिंता खड़ी हो गई है। यदि मानदेय सम्मानजनक होता तो काम करने में मन लगा रहता। आरोप लगाया कि राजस्व विभाग में चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्ति के समय भी ग्राम प्रहरियों को दरकिनार किया जा रहा है। यदि सरकार नियमित सेवा में लेने की स्थिति में नहीं है तो सभी ग्राम प्रहरियों को संविदा पर तैनाती दी जाए।
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ग्राम प्रहरियों ने यह भी कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता तो वह न्यायालय की शरण लेंगे। ज्ञापन देने वालों में प्रकाश सिंह, हरीश प्रसाद, माधव सिंह, सुंदर लाल, राजेंद्र सिंह, नारायण राम, गिरीश चंद्र जोशी, शेखर तिवारी आदि थे।