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Pithoragarh News: सीमांत के 6600 किसानों ने नहीं कराई ई-केवाईसी
Fri, 23 Feb 2024 11:22 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 23 Feb 2024 11:22 PM IST
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पिथौरागढ़ स्थित कृषि विभाग के कंट्रोल कक्ष से किसानों को केवाईसी कराने की सूचना देते कार्मिक।
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले के 6600 किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है। यदि इन्होंने शीघ्र केवाईसी नहीं कराई तो इन्हें पीएम किसान सम्मान निधि से वंचित होना पड़ सकता है। वर्तमान में 53124 किसान सम्मान निधि ले रहे हैं।
किसानों के लिए शीघ्र ही पीएम किसान निधि की 16 वीं किश्त जारी होने वाली है। किसानों को साल में दो-दो हजार रुपये की तीन किश्त दी जाती हैं। यहां के हजारों किसानों ने अभी तक के वाईसी नहीं कराई है। मुख्य कृषि अधिकारी रितु टम्टा ने बताया कि यदि किसानों ने जल्द केवाईसी नहीं कराई तो लाभार्थियों को अगली किश्त का लाभ दिया जाना संभव नहीं होगा। उन्होंने बताया कि केवाईसी से छूटे लाभार्थियों में कई की मौत हो चुकी है। बताया कि ऐसे लाभार्थियों का खाता बंद किया जा रहा है। साथ ही कुछ लाभार्थियों की नौकरी लग चुकी है।
बताया कि जो लाभार्थी दस हजार रुपये से अधिक वेतन प्राप्त कर रहे हैं वह निधि के लिए अपात्र हैं। केवाईसी से छूटे किसानों को इसे बनाने की सूचना कार्यालय से दी जा रही है। न्याय पंचायत स्तर पर प्रभारियों की ओर से प्रत्येक गांव में केवाईसी किए जाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
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किसानों के लिए शीघ्र ही पीएम किसान निधि की 16 वीं किश्त जारी होने वाली है। किसानों को साल में दो-दो हजार रुपये की तीन किश्त दी जाती हैं। यहां के हजारों किसानों ने अभी तक के वाईसी नहीं कराई है। मुख्य कृषि अधिकारी रितु टम्टा ने बताया कि यदि किसानों ने जल्द केवाईसी नहीं कराई तो लाभार्थियों को अगली किश्त का लाभ दिया जाना संभव नहीं होगा। उन्होंने बताया कि केवाईसी से छूटे लाभार्थियों में कई की मौत हो चुकी है। बताया कि ऐसे लाभार्थियों का खाता बंद किया जा रहा है। साथ ही कुछ लाभार्थियों की नौकरी लग चुकी है।
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बताया कि जो लाभार्थी दस हजार रुपये से अधिक वेतन प्राप्त कर रहे हैं वह निधि के लिए अपात्र हैं। केवाईसी से छूटे किसानों को इसे बनाने की सूचना कार्यालय से दी जा रही है। न्याय पंचायत स्तर पर प्रभारियों की ओर से प्रत्येक गांव में केवाईसी किए जाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
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