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ऋतु संहारम नाटक से किया भारतीय जीवन चक्र का वर्णन
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पिथौरागढ़। नाट्य संस्था भाव राग ताल अकादमी के पांच दिनी भरत रंगोत्सव के दूसरे दिन कोलकाता से आए इफ्टा नाट्य अकादमी के कलाकारों ने कालीदास पर आधारित ऋतु संहारम नाटक का मंचन किया।
रामलीला मैदान टकाना में चल रहे नाट्य महोत्सव में ऋतु संहारम के जरिए भारतीय जीवन चक्र काज्ञ् वर्णन किया गया। जीव और प्रकृति की निकटता को दर्शाया गया। न केवल मानव बल्कि कीट, वनस्पति और जीवों पर मौसम का प्रभाव पड़ता है, इसे नाटक के जरिए दिखाया गया। लोगों ने अकादमी के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि हर साल नाट्य महोत्सव का आयोजन किया जाना चाहिए। इससे लोगों का स्वस्थ मनोरंजन होता है। थियेटर कला को संरक्षण प्राप्त होता है।
अहिरी दत्त, देवाशीश, आर्यश्री चटर्जी, विशालता मोनी, प्रियंका बरई, सानंदिता दास, सत्यजीत कर्माकर, सूर्या, श्योम बनर्जी, आशिक चटर्जी, श्याम मोलिक के सजीव अभिनय से नाटक में चार चांद लग गए। संस्था के निर्देशक कैलाश कुमार ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया। प्रसन्नजीत भट्टाचार्य, कार्तिक बेरा, देबजानी मुखर्जी, पालिका के ईओ दीपक कुमार, धीरज कुमार, रोमी यादव, भरत कुमार, दीपा बिष्ट, दीपक मंडल, हेमराज मेहता, निशा, अंजलि, मुकेश, राज आदि मौजूद थे। संचालन विप्लव भट्ट
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रामलीला मैदान टकाना में चल रहे नाट्य महोत्सव में ऋतु संहारम के जरिए भारतीय जीवन चक्र काज्ञ् वर्णन किया गया। जीव और प्रकृति की निकटता को दर्शाया गया। न केवल मानव बल्कि कीट, वनस्पति और जीवों पर मौसम का प्रभाव पड़ता है, इसे नाटक के जरिए दिखाया गया। लोगों ने अकादमी के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि हर साल नाट्य महोत्सव का आयोजन किया जाना चाहिए। इससे लोगों का स्वस्थ मनोरंजन होता है। थियेटर कला को संरक्षण प्राप्त होता है।
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अहिरी दत्त, देवाशीश, आर्यश्री चटर्जी, विशालता मोनी, प्रियंका बरई, सानंदिता दास, सत्यजीत कर्माकर, सूर्या, श्योम बनर्जी, आशिक चटर्जी, श्याम मोलिक के सजीव अभिनय से नाटक में चार चांद लग गए। संस्था के निर्देशक कैलाश कुमार ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया। प्रसन्नजीत भट्टाचार्य, कार्तिक बेरा, देबजानी मुखर्जी, पालिका के ईओ दीपक कुमार, धीरज कुमार, रोमी यादव, भरत कुमार, दीपा बिष्ट, दीपक मंडल, हेमराज मेहता, निशा, अंजलि, मुकेश, राज आदि मौजूद थे। संचालन विप्लव भट्ट
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