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रास्ता नहीं होने से हिमालयी क्षेत्र में भेड़, घोड़े फंसे
Updated Sat, 06 Oct 2018 10:45 PM IST
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पिथौरागढ़। धारचूला के व्यास घाटी में दस हजार भेड़ एवं एक हजार से अधिक घोड़े फंसे है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम के अचानक खराब होने से ठंड बढ़ गई है। उत्तराखंड भेड़ पालक संघ ने एक सप्ताह के भीतर नेपाल के रास्ते पैदल यात्रा के लिए मार्ग नहीं बनाने पर 15 अक्तूबर को एसडीएम कार्यालय धारचूला में धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
भेड़ पालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगत मर्तोलिया ने बताया कि सीमा के लिए बीआरओ द्वारा काटी जा रही सड़क के मलबे से व्यास घाटी का पैदल मार्ग ध्वस्त हो चुका है। इस कारण माइग्रेशन पर गए भेड़ एवं घोड़े वहां फंस गए हैं। 10 दिन पहले संघ ने डीएम को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से भेड़पालक परेशान हैं।
उनका कहना है कि भेड़पालक सितंबर के अंतिम सप्ताह तक तराई की ओर लौटना शुरू कर देते हैं। मार्ग नहीं होने से उच्च हिमालयी क्षेत्र से नीचे नहीं उतर पा रहे हैं।
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भेड़ पालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगत मर्तोलिया ने बताया कि सीमा के लिए बीआरओ द्वारा काटी जा रही सड़क के मलबे से व्यास घाटी का पैदल मार्ग ध्वस्त हो चुका है। इस कारण माइग्रेशन पर गए भेड़ एवं घोड़े वहां फंस गए हैं। 10 दिन पहले संघ ने डीएम को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से भेड़पालक परेशान हैं।
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उनका कहना है कि भेड़पालक सितंबर के अंतिम सप्ताह तक तराई की ओर लौटना शुरू कर देते हैं। मार्ग नहीं होने से उच्च हिमालयी क्षेत्र से नीचे नहीं उतर पा रहे हैं।
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