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ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया
Updated Wed, 23 May 2018 11:16 PM IST
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। पिथौरागढ़ से धारचूला राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत अस्कोट-कनालीछीना के बीच सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। बुधवार को इसे लेकर ग्रामीणों ने सीमा सड़क संगठन (ग्रीफ) कैंप के समक्ष प्रदर्शन किया। साथ ही गुणवत्ता में सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि अस्कोट-कनालीछीना के बीच करीब 30 किलोमीटर हिस्से पर चल रहे सड़क निर्माण के कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। आरोप लगाया कि निर्माणदायी संस्था दीवार, कलमर्ट, स्क्रबर आदि में रेत, बजरी के बजाय मिट्टी लगा रही है। इससे न केवल बरसातों में लोगों की परेशानी बढ़ेगी, बल्कि आवाजाही में भी खतरे होंगे।
ग्रामीणों ने गुणवत्ता में सुधार नहीं करने पर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनशन करने की चेतावनी दी है। सामाजिक कार्यकर्त्ता तनुज पाल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में गर्जिया के प्रधान नरेंद्र बसेड़ा, रसगाड़ी के प्रधान तारा सिंह बिष्ट, विनोद बसेड़ा, योगेश धामी, बिशन धामी, राजेंद्र खोलिया आदि ग्रामीण शामिल थे। इधर, कार्यदायी संस्था का कहना है कि काम की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि अस्कोट-कनालीछीना के बीच करीब 30 किलोमीटर हिस्से पर चल रहे सड़क निर्माण के कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। आरोप लगाया कि निर्माणदायी संस्था दीवार, कलमर्ट, स्क्रबर आदि में रेत, बजरी के बजाय मिट्टी लगा रही है। इससे न केवल बरसातों में लोगों की परेशानी बढ़ेगी, बल्कि आवाजाही में भी खतरे होंगे।
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ग्रामीणों ने गुणवत्ता में सुधार नहीं करने पर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनशन करने की चेतावनी दी है। सामाजिक कार्यकर्त्ता तनुज पाल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में गर्जिया के प्रधान नरेंद्र बसेड़ा, रसगाड़ी के प्रधान तारा सिंह बिष्ट, विनोद बसेड़ा, योगेश धामी, बिशन धामी, राजेंद्र खोलिया आदि ग्रामीण शामिल थे। इधर, कार्यदायी संस्था का कहना है कि काम की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है।
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