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होली खेलने के बजाय अनशन पर डटे रहे ग्रामीण
Updated Wed, 28 Feb 2018 10:53 PM IST
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बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। ग्रामीण अंचलों में होली की धूम मची है, लेकिन लछीमा के महरी धर्मशाला में बुधवार को भी आंदोलनकारियों के नारों की गूंज रही। आंदोलन में शामिल कोई भी व्यक्ति होली खेलने के लिए अपने गांव नहीं गया है। हलियाडोब से लछीमा, ओखरानी होते हुए नाचनी तक प्रस्तावित सड़क का निर्माण पूरा कराने की मांग को लेकर ग्रामीण 16 फरवरी से क्रमिक अनशन पर हैं और पांच मार्च से आमरण अनशन का ऐलान किया गया है।
बुधवार को क्रमिक अनशन पर भुवन चंद्र पाठक और श्याम सिंह महरा बैठे हैं। अनशन स्थल पर पहुंचे लोगों ने लोनिवि और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि सरकार के रवैए के कारण ही सड़क का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। 20 किलोमीटर लंबी इस सड़क में अब तक मात्र छह किलोमीटर में काम हो पाया है।
जुलाई 2017 से सड़क का निर्माण कार्य बंद है। अनशन स्थल पर हुई सभा में संघर्ष समिति के संरक्षक दिनेश चंद्र पाठक ने कहा कि सरकार के विकास के दावों की पोल खोलने के लिए यह आंदोलन चलाया गया है। इस मौके पर भास्करानंद, कैलाश चंद्र पाठक, देवीदत्त पाठक, दिनेश चंद्र, खड़क सिंह, मोहन पाठक, पवन पाठक, संगीता पाठक आदि थे।
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बुधवार को क्रमिक अनशन पर भुवन चंद्र पाठक और श्याम सिंह महरा बैठे हैं। अनशन स्थल पर पहुंचे लोगों ने लोनिवि और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि सरकार के रवैए के कारण ही सड़क का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। 20 किलोमीटर लंबी इस सड़क में अब तक मात्र छह किलोमीटर में काम हो पाया है।
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जुलाई 2017 से सड़क का निर्माण कार्य बंद है। अनशन स्थल पर हुई सभा में संघर्ष समिति के संरक्षक दिनेश चंद्र पाठक ने कहा कि सरकार के विकास के दावों की पोल खोलने के लिए यह आंदोलन चलाया गया है। इस मौके पर भास्करानंद, कैलाश चंद्र पाठक, देवीदत्त पाठक, दिनेश चंद्र, खड़क सिंह, मोहन पाठक, पवन पाठक, संगीता पाठक आदि थे।
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