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ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा पांच को
Updated Thu, 26 Oct 2017 11:26 PM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। धारचूला के कांग्रेसी ब्लाक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की तिथि नजदीक आ रही है। पांच नवंबर को यदि सारे हालात सामान्य रहे तो अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो जाएगी और ब्लाक प्रमुख की कुर्सी का फैसला हो जाएगा।
इस समय भाजपा और कांग्रेस समर्थित कोई भी सदस्य इलाके में नहीं है। ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास का प्रस्ताव 26 सितंबर को पेश होने के बाद प्रशासन ने 12 अक्तूबर को मतदान की तिथि घोषित की थी लेकिन प्रशासन ने पीठासीन अधिकारी का स्वास्थ्य खराब होने का कारण बताते हुए मतदान स्थगित करवा दिया था। उसी दिन भाजपा और कांग्रेस समर्थित सदस्य धारचूला छोड़कर अलग अलग ठिकानों पर चले गए थे।
सूत्रों का कहना है कि यदि सब कुछ सामान्य रहा तो सदस्य एक बार फिर चार नवंबर की शाम को धारचूला पहुंच जाएंगे। भाजपा अपने साथ 25 सदस्यों के समर्थन का दावा कर रही है जबकि कांग्रेस का कहना है कि उसके साथ 13 सदस्य हैं। भाजपा के सदस्यों को एकजुट करने की कमान संभाल रहे भाजपा जिला महामंत्री महेंद्र बुदियाल का कहना है कि पांच नवंबर को मतदान होने पर नेत्र सिंह कुंवर को पद से हटना पड़ जाएगा। कांग्रेसी सदस्यों को एकजुट कर रहे विधायक हरीश धामी का कहना है कि भाजपा की यह चाल सफल होने वाली नहीं है। नेत्र सिंह कुंवर ब्लाक प्रमुख बने रहेंगे और अविश्वास प्रस्ताव गिर जाएगा। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की तिथि नजदीक आते ही लोगों की उत्सुकता एक बार फिर से बढ़ने लगी है।
इस समय भाजपा और कांग्रेस समर्थित कोई भी सदस्य इलाके में नहीं है। ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास का प्रस्ताव 26 सितंबर को पेश होने के बाद प्रशासन ने 12 अक्तूबर को मतदान की तिथि घोषित की थी लेकिन प्रशासन ने पीठासीन अधिकारी का स्वास्थ्य खराब होने का कारण बताते हुए मतदान स्थगित करवा दिया था। उसी दिन भाजपा और कांग्रेस समर्थित सदस्य धारचूला छोड़कर अलग अलग ठिकानों पर चले गए थे।
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सूत्रों का कहना है कि यदि सब कुछ सामान्य रहा तो सदस्य एक बार फिर चार नवंबर की शाम को धारचूला पहुंच जाएंगे। भाजपा अपने साथ 25 सदस्यों के समर्थन का दावा कर रही है जबकि कांग्रेस का कहना है कि उसके साथ 13 सदस्य हैं। भाजपा के सदस्यों को एकजुट करने की कमान संभाल रहे भाजपा जिला महामंत्री महेंद्र बुदियाल का कहना है कि पांच नवंबर को मतदान होने पर नेत्र सिंह कुंवर को पद से हटना पड़ जाएगा। कांग्रेसी सदस्यों को एकजुट कर रहे विधायक हरीश धामी का कहना है कि भाजपा की यह चाल सफल होने वाली नहीं है। नेत्र सिंह कुंवर ब्लाक प्रमुख बने रहेंगे और अविश्वास प्रस्ताव गिर जाएगा। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की तिथि नजदीक आते ही लोगों की उत्सुकता एक बार फिर से बढ़ने लगी है।
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