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बांध निर्माण की प्रारंभिक प्रक्रिया में ही हो रही प्रभावितों की अनदेखी
Updated Sun, 06 Aug 2017 11:04 PM IST
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पिथौरागढ़। उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी ने कहा कि उक्रांद पंचेश्वर बांध का विरोध करता रहेगा। उन्होंने पंचेश्वर बांध की डीपीआर पर सवाल खड़े किए। कहा कि बांध निर्माण की शुरुआती प्रक्रिया में प्रभावितों की अनदेखी हो रही है।
पत्रकारों से बातचीत में ऐरी ने आरोप लगाया कि बांध निर्माण की शुरुआती प्रक्रिया में ही प्रभावितों को गुमराह किया जा रहा है। बांध से प्रभावित होने वाली जनता को गुमराह करने की हर कोशिश की उत्तराखंड क्रांति दल पुरजोर तरीके से खिलाफत करेगा। उन्होंने कहा कि बांध की डीपीआर और अन्य जानकारियां पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं की गई हैं। जनसुनवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। जारी जानकारियां अंग्रेजी भाषा में दी गई हैं, जो आम जनता की समझ से परे है। जनसुनवाई से पहले इन जानकारियों को प्रभावितों को सरल भाषा में दिया जाना चाहिए।
कहा कि एक तरफ प्रशासन अधिक बारिश के कारण स्कूलों को बंद करवा रहा है। नदी क्षेत्र से सटे इलाके के लोगों को आवागमन न करने की चेतावनी जारी कर रहा है, दूसरी तरफ जनसुनवाई की तिथि घोषित कर रहा है। यह सब बांध प्रभावितों के साथ धोखा है। कहा कि जनसुनवाई बरसात के बाद पंचायत अथवा न्याय पंचायत स्तर पर होनी चाहिए। वार्ता में पुष्कर सिंह धामी, जोध सिंह बोरा, जगत सिंह मेहता भी मौजूद थे।
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उपपा ने भी पंचेश्वर बांध पर सवाल उठाए
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने पंचेश्वर बांध पर सवाल उठाते हुए कहा है कि एक ओर जहां विश्वभर में बड़े बांधों को तोड़ा जा रहा है, वहीं मध्य हिमालयी क्षेत्र में 325 मीटर ऊंचा बांध बनाया जा रहा है। कहा कि बांध की जनसुनवाई पर्यावरण मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार नहीं की जा रही है। जन सुनवाई से 30 दिन पहले डीपीआर आदि की जानकारी स्थानीय भाषा में देने का प्रावधान है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। डीपीआर आदि अंग्रेजी भाषा में बनाई गई है। कहा है कि उनका दल जन सुनवाई का विरोध करता है। बारिश के सीजन में जनसुवाई का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने प्रभावितों से जनसुनवाई का विरोध करने की अपील की है।
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पत्रकारों से बातचीत में ऐरी ने आरोप लगाया कि बांध निर्माण की शुरुआती प्रक्रिया में ही प्रभावितों को गुमराह किया जा रहा है। बांध से प्रभावित होने वाली जनता को गुमराह करने की हर कोशिश की उत्तराखंड क्रांति दल पुरजोर तरीके से खिलाफत करेगा। उन्होंने कहा कि बांध की डीपीआर और अन्य जानकारियां पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं की गई हैं। जनसुनवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। जारी जानकारियां अंग्रेजी भाषा में दी गई हैं, जो आम जनता की समझ से परे है। जनसुनवाई से पहले इन जानकारियों को प्रभावितों को सरल भाषा में दिया जाना चाहिए।
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कहा कि एक तरफ प्रशासन अधिक बारिश के कारण स्कूलों को बंद करवा रहा है। नदी क्षेत्र से सटे इलाके के लोगों को आवागमन न करने की चेतावनी जारी कर रहा है, दूसरी तरफ जनसुनवाई की तिथि घोषित कर रहा है। यह सब बांध प्रभावितों के साथ धोखा है। कहा कि जनसुनवाई बरसात के बाद पंचायत अथवा न्याय पंचायत स्तर पर होनी चाहिए। वार्ता में पुष्कर सिंह धामी, जोध सिंह बोरा, जगत सिंह मेहता भी मौजूद थे।
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उपपा ने भी पंचेश्वर बांध पर सवाल उठाए
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने पंचेश्वर बांध पर सवाल उठाते हुए कहा है कि एक ओर जहां विश्वभर में बड़े बांधों को तोड़ा जा रहा है, वहीं मध्य हिमालयी क्षेत्र में 325 मीटर ऊंचा बांध बनाया जा रहा है। कहा कि बांध की जनसुनवाई पर्यावरण मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार नहीं की जा रही है। जन सुनवाई से 30 दिन पहले डीपीआर आदि की जानकारी स्थानीय भाषा में देने का प्रावधान है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। डीपीआर आदि अंग्रेजी भाषा में बनाई गई है। कहा है कि उनका दल जन सुनवाई का विरोध करता है। बारिश के सीजन में जनसुवाई का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने प्रभावितों से जनसुनवाई का विरोध करने की अपील की है।