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पिथौरागढ़ जिले में स्थापित होगी एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री
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पिथौरागढ़। जिले में एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री स्थापित की जाएगी। सरकार की ओर से इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री स्थापित होने से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे नौकरी के लिए शहरों की ओर जाने वाले युवाओं का पलायन रुकेगा। साथ ही पहाड़ पर खेती-किसानी पर निर्भर लोगों के दिन भी बहुरेंगे।
वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि पिथौरागढ़ जनपद में एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री के लिए काफी संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए कृषि आधारित उद्योग स्थापित करने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इनमें मुख्य रूप से फूड प्रोसेसिंग यूनिट सहित अन्य उत्पादों से संबंधित उद्योग स्थापित किए जाएंगे।
इसके लिए कुछ प्रमुख उद्योगपतियों से बातचीत चल रही है। उद्योगपतियों की ओर से दिलचस्पी दिखाने के बाद भूमि चयन सहित आगे की अन्य कार्रवाई की जाएगी। सरकार की इस कवायद से सीमांत जनपद में आने वाले समय में स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है।
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आलू, मड़ुवा का होता है बहुतायत उत्पादन
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के मुनस्यारी क्षेत्र में आलू की अच्छी पैदावार होती है। इस आलू की शहरी क्षेत्रों में भी अच्छी मांग है। अधिकतर आलू उत्पादक गांवों तक सड़क नहीं होने और कोल्ड स्टोरेज की सुविधा नहीं होने से या तो लाखों मूल्य का आलू खेतों में ही सड़ जाता है या फिर किसान ठेकेदारों को औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर रहते हैं। फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होने के बाद आलू उत्पादकों के दिन भी बहुरेंगे। इसके अलावा मुनस्यारी और धारचूला के राजमा की देशभर में अच्छी मांग है। पहाड़ पर होने वाले मडु़वा के बिस्कुट भी विशेष पसंद किए जा रहे हैं। एग्रो बेस्ड उद्योग में जूट की तरह भांग और रामबास के रेशों से कपड़ा, रस्सियां और बैग तैयार करने की काफी संभावनाएं हैं। इंडस्ट्री स्थापित होने पर खेती-किसानी से दूर भाग रहे लोग भी दिलचस्पी दिखाएंगे।
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वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि पिथौरागढ़ जनपद में एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री के लिए काफी संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए कृषि आधारित उद्योग स्थापित करने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इनमें मुख्य रूप से फूड प्रोसेसिंग यूनिट सहित अन्य उत्पादों से संबंधित उद्योग स्थापित किए जाएंगे।
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इसके लिए कुछ प्रमुख उद्योगपतियों से बातचीत चल रही है। उद्योगपतियों की ओर से दिलचस्पी दिखाने के बाद भूमि चयन सहित आगे की अन्य कार्रवाई की जाएगी। सरकार की इस कवायद से सीमांत जनपद में आने वाले समय में स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है।
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आलू, मड़ुवा का होता है बहुतायत उत्पादन
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के मुनस्यारी क्षेत्र में आलू की अच्छी पैदावार होती है। इस आलू की शहरी क्षेत्रों में भी अच्छी मांग है। अधिकतर आलू उत्पादक गांवों तक सड़क नहीं होने और कोल्ड स्टोरेज की सुविधा नहीं होने से या तो लाखों मूल्य का आलू खेतों में ही सड़ जाता है या फिर किसान ठेकेदारों को औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर रहते हैं। फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होने के बाद आलू उत्पादकों के दिन भी बहुरेंगे। इसके अलावा मुनस्यारी और धारचूला के राजमा की देशभर में अच्छी मांग है। पहाड़ पर होने वाले मडु़वा के बिस्कुट भी विशेष पसंद किए जा रहे हैं। एग्रो बेस्ड उद्योग में जूट की तरह भांग और रामबास के रेशों से कपड़ा, रस्सियां और बैग तैयार करने की काफी संभावनाएं हैं। इंडस्ट्री स्थापित होने पर खेती-किसानी से दूर भाग रहे लोग भी दिलचस्पी दिखाएंगे।