{"_id":"5bae5ef4867a557ff265ed6e","slug":"51538154228-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"केवी में हिन्दी पखवाड़े का समापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केवी में हिन्दी पखवाड़े का समापन
Updated Fri, 28 Sep 2018 10:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। केंद्रीय विद्यालय में 4 सितंबर से आयोजित हिंदी पखवाड़े का विभिन्न प्रतियोगिताओं के साथ समापन हो गया है।
हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत प्रतिदिन सुलेख, निबंध, लेख, चित्रकला, प्रश्नोत्तरी और शिक्षक संभाषण सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
समापन के मौके पर काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविद एवं पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. अशोक पंत मुख्य अतिथि थे। प्राचार्या कमला निखुुर्पा ने मुख्य अतिथि का स्वागत कर विद्यालय द्वारा किये जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। डॉ. पंत ने अपने संबोधन में सभी को यथा संभव अपना कार्य हिंदी में करने की सलाह दी। उन्होंने विश्व पटल पर हिंदी की भूमिका पर उत्साहवर्धक जानकारी दी।
साथ ही विद्यालय में आयोजित कार्यक्रमों की भी सराहना की। इस मौके पर एनपी सिंह, सीएम पांडेय, जीएन पाठक, धमेंद्र गंगवार, प्रबोध शुक्ला, चन्द्रकलावती महरा, गोविंद कुमार, पंकज आर्य समेत शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत प्रतिदिन सुलेख, निबंध, लेख, चित्रकला, प्रश्नोत्तरी और शिक्षक संभाषण सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
समापन के मौके पर काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविद एवं पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. अशोक पंत मुख्य अतिथि थे। प्राचार्या कमला निखुुर्पा ने मुख्य अतिथि का स्वागत कर विद्यालय द्वारा किये जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। डॉ. पंत ने अपने संबोधन में सभी को यथा संभव अपना कार्य हिंदी में करने की सलाह दी। उन्होंने विश्व पटल पर हिंदी की भूमिका पर उत्साहवर्धक जानकारी दी।
साथ ही विद्यालय में आयोजित कार्यक्रमों की भी सराहना की। इस मौके पर एनपी सिंह, सीएम पांडेय, जीएन पाठक, धमेंद्र गंगवार, प्रबोध शुक्ला, चन्द्रकलावती महरा, गोविंद कुमार, पंकज आर्य समेत शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन