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दो दिन तड़पने के बाद मृत बच्चे को जन्म दिया
Updated Fri, 10 Aug 2018 10:56 PM IST
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पिथौरागढ़। जिले के अंतिम गांव नामिक को जाने वाला पैदल मार्ग बंद होने से गर्भवती महिला को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। महिला को हेलीकॉप्टर से जिला अस्पताल पहुंचाने को लेकर प्रयास चल रहे थे, लेकिन हेलीकॉप्टर पहुंचने से पहले ही शिशु की गर्भ में ही मौत हो गई।
नामिक को जोड़ने वाला 27 किमी पैदल मार्ग दो स्थानों पर बंद है। इसके चलते ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। खड़क राम की पत्नी सुषमा देवी को दो दिन से प्रसव पीड़ा हो रही थी। गांव से पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले को जाने वाले रास्ते बंद होने से महिला को प्रसव के लिए परिजन अस्पताल नहीं ले जा सके। बृहस्पतिवार शाम सुषमा को तेज वेदना होने के बाद प्रधान तुलसी ने विधायक को स्थिति से अवगत कराया।
विधायक द्वारा जिला प्रशासन से वार्ता के बाद प्रसव पीड़िता को हेलीकॉप्टर से जिला अस्पताल भेजने का फैसला लिया गया। ग्रामीणों ने गांव में हेलीपैड को भी ठीक कर लिया था, लेकिन सुबह पांच बजे ही मृत शिशु पैदा हुआ। पटवारी गिरगांव दीनदयाल वर्मा ने इसकी सूचना प्रशासन को दी।
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इधर, प्रधान ने बताया कि गांव में एएनएम तक नहीं है। किसी के बीमार होने पर 27 किमी डोली पर बैठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। मार्ग खराब होने से आवाजाही में खतरा बना है।
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नामिक को जोड़ने वाला 27 किमी पैदल मार्ग दो स्थानों पर बंद है। इसके चलते ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। खड़क राम की पत्नी सुषमा देवी को दो दिन से प्रसव पीड़ा हो रही थी। गांव से पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले को जाने वाले रास्ते बंद होने से महिला को प्रसव के लिए परिजन अस्पताल नहीं ले जा सके। बृहस्पतिवार शाम सुषमा को तेज वेदना होने के बाद प्रधान तुलसी ने विधायक को स्थिति से अवगत कराया।
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विधायक द्वारा जिला प्रशासन से वार्ता के बाद प्रसव पीड़िता को हेलीकॉप्टर से जिला अस्पताल भेजने का फैसला लिया गया। ग्रामीणों ने गांव में हेलीपैड को भी ठीक कर लिया था, लेकिन सुबह पांच बजे ही मृत शिशु पैदा हुआ। पटवारी गिरगांव दीनदयाल वर्मा ने इसकी सूचना प्रशासन को दी।
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इधर, प्रधान ने बताया कि गांव में एएनएम तक नहीं है। किसी के बीमार होने पर 27 किमी डोली पर बैठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। मार्ग खराब होने से आवाजाही में खतरा बना है।