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मौसम खराब होने पर क्या हेलीकॉप्टर नहीं उड़ते
Updated Fri, 20 Jul 2018 10:44 PM IST
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पिथौरागढ़। मौसम खराब होने पर क्या हेलीकाप्टर नहीं उड़ते हैं? हम लोग पिछले छह दिनों से गुंजी में फंसे हैं। गुंजी में फंसे कैलाश यात्रियों अब यह सवाल पूछ रहे हैं।
कैलाश परिक्रमा कर गुंजी लौटे पांचवें दल की महिला यात्री सरिता बाजपेई ने शुक्रवार को करीब साढ़े चार बजे अमर उजाला संवाददाता से फोन पर बात की। उन्होंने बताया कि गुंजी में रहने, खाने की कोई दिक्कत नहीं है। बावजूद इसके यात्री यहां परेशान हो गए हैं। पिछले छह दिनों से हेलीकॉप्टर का इंतजार कर रहे हैं। रोज कहा जा रहा है मौसम खराब है। इस यात्री ने पूछा कि क्या मौसम खराब होने पर यात्रियों को अब अनहोनी का डर भी सता रहा है। कुशीनगर के यात्री अश्विनी कुमार का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को समस्या का समाधान करने के लिए अधिक प्रयास करना चाहिए।
सूरत (गुजरात) के चार्टर्ड अकाउंटेंट पवन डांगा फोन पर वार्ता के समय बेहद भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मौसम 10 से चार बजे तक साफ रहता है। घर में दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। रोज पूछते हैं पापा घर कब आओगे। उनके कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। जोधपुर के राजू व्यास ने कहा कि यात्री रोज सुबह पांच बजे हेलीकॉप्टर के इंतजार में बैठ जाते हैं, लेकिन बाद में बताया जाता है कि हेलीकॉप्टर नहीं आएगा। उन्होंने बताया कि यदि यही हाल रहे तो यात्रियों को बीमारियों से जूझना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यात्री गुंजी में बेहद परेशान हो गए हैं।
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कैलाश परिक्रमा कर गुंजी लौटे पांचवें दल की महिला यात्री सरिता बाजपेई ने शुक्रवार को करीब साढ़े चार बजे अमर उजाला संवाददाता से फोन पर बात की। उन्होंने बताया कि गुंजी में रहने, खाने की कोई दिक्कत नहीं है। बावजूद इसके यात्री यहां परेशान हो गए हैं। पिछले छह दिनों से हेलीकॉप्टर का इंतजार कर रहे हैं। रोज कहा जा रहा है मौसम खराब है। इस यात्री ने पूछा कि क्या मौसम खराब होने पर यात्रियों को अब अनहोनी का डर भी सता रहा है। कुशीनगर के यात्री अश्विनी कुमार का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को समस्या का समाधान करने के लिए अधिक प्रयास करना चाहिए।
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सूरत (गुजरात) के चार्टर्ड अकाउंटेंट पवन डांगा फोन पर वार्ता के समय बेहद भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मौसम 10 से चार बजे तक साफ रहता है। घर में दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। रोज पूछते हैं पापा घर कब आओगे। उनके कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। जोधपुर के राजू व्यास ने कहा कि यात्री रोज सुबह पांच बजे हेलीकॉप्टर के इंतजार में बैठ जाते हैं, लेकिन बाद में बताया जाता है कि हेलीकॉप्टर नहीं आएगा। उन्होंने बताया कि यदि यही हाल रहे तो यात्रियों को बीमारियों से जूझना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यात्री गुंजी में बेहद परेशान हो गए हैं।
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