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नेपाल सीमा में आठ घंटे तक ठप रही व्यापारिक गतिविधियां
Updated Tue, 22 May 2018 12:17 AM IST
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झूलाघाट/धारचूला (पिथौरागढ़)।
सीमा पार नेपाल जाने वाले व्यापारिक सामग्रियों के ऑनलाइन पंजीकरण (इलेक्ट्रानिक डाटा इंटरचेंज) की अनिवार्यता ने सोमवार को यहां के कारोबारियों में हलचल मचा दी। इंटरनेट कनेक्टिविटी ठीक नहीं होने से ऑनलाइन पंजीकरण में यहां दिक्कत आयी। इसके चलते धारचूला और झूलाघाट से अपरान्ह दो बजे तक नेपाल को सामान नहीं भेजा जा सका। बाद में नियमों में शिथिलता देने से अपरान्ह दो बजे बाद कारोबारी गतिविधियां सुचारु हो सकी। अब ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 4 जून कर दी गई है। आठ घंटे तक व्यापार बंद रहने के बाद दो बजे से शुरू हो गया था।
व्यापारियों का कहना है कि भारत से नेपाल जाने वाली तमाम खाद्य सामग्री, सब्जियां, भवन निर्माण आदि सामान को अब तक वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) देकर भेजा जाता था। कुछ समय पहले भारत सरकार ने इन सामानों को सीमा पार भेजने के लिए 21 मई से ऑनलाइन टैक्स जमा करने का आदेश दिया था। इसी के चलते सोमवार को कस्टम विभाग ने धारचूला से नेपाल को कोई भी सामान नहीं जाने दिया। इस वजह से नेपाल को जाने वाली सब्जियां, राशन आदि की सप्लाई नहीं हो सकी। धारचूला के कस्टम अधीक्षक संदीप पांडे ने बताया कि ऑनलाइन के बगैर किसी भी सामान को नेपाल नहीं ले जाने संबंधी आदेश के चलते व्यापार नहीं होने दिया गया। इधर इस नियम के चलते झूलाघाट से बैतड़ी के लिए कोई भी सामान नहीं गया।
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झूलाघाट के कस्टम अधीक्षक ओपी शर्मा ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया व्यापार करने वालों के लिए है। घरेलू उपयोग के सामान के लिए खुला है। अलबत्ता बाद में संशोधित आदेश के बाद इसे खोल दिया गया। व्यापार संघ के उपाध्यक्ष दीपक इजरवाल ने कहां कि 21 मई से इस नियम को लागू तो कर दिया गया, लेकिन कस्टम के कार्यालय में इससे संबधित प्रिंटर, यूपीएस, मॉनिटर, जनरेटर, फर्नीचर के अलावा डाटा ऑपरेटर तक नहीं है। तैयारी के बगैर इस प्रक्रिया को लागू नहीं किया जाना चाहिए था।
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कनेक्टिविटी के बगैर मुश्किल होगा ऑनलाइन व्यापार
सीमांत के झूलाघाट और धारचूला में ऑनलाइन व्यापार के लिए पूरे दिन इंटरनेट की कनेक्टिविटी के साथ ही बिजली होना जरूरी है। सीमा क्षेत्र का मामला होने से इन बाजारों में किसी भी संचार कंपनी के सिग्नल काम नहीं करते। साथ ही अक्सर बिजली आपूर्ति भी बाधित रहती है। ऐसे में व्यापार में कमी होने से भारतीय व्यापारी नुकसान होने का अंदेशा जता रहे हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन पंजीकरण की अनिवार्यता से पूर्व इन जरूरी सुविधाओं को उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
सफल नहीं हो पाया ऑनलाइन व्यापार सिस्टम
बनबसा (चंपावत)। भारत-नेपाल के बीच होने वाले वैधानिक व्यापार को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया सॉफ्टवेयर में आई कमी के तहत सफल नहीं हो पाई। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
बनबसा स्थित भारतीय कस्टम से नेपाल के साथ होने वाले व्यापार को सोमवार को ऑनलाइन किया जाना था लेकिन सॉफ्टवेयर में आई कमी के चलते ऑनलाइन सिस्टम डाउनलोड नहीं किया जा सका। बनबसा कस्टम अधीक्षक राज कुमार ने बताया कि बनबसा कस्टम से पहले से ही दोनों देशों के व्यापारियों के पास एक्सपोर्ट और इंपोर्ट लाइसेंस हैं। कई बार व्यापारियों की बैठक लेकर उन्हें नई व्यवस्था (जीएसटी) से व्यापार करने को कहा गया था। इस संबंध में उन्हें नई जानकारियों से अवगत भी कराया गया। बताया कि आए दिन कनेक्टिविटी की कमी के चलते भी विभागीय कार्यों में व्यवधान पैदा होता है। ब्यूरो