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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   43 families left the village 10 years

10 वर्ष में 43 परिवारों ने छोड़ा गांव

Sun, 15 Mar 2015 12:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़ Updated Sun, 15 Mar 2015 12:42 AM IST
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पिछले 10 साल के भीतर कनालीछीना ब्लाक के उसैल गांव के 43 परिवारों ने गांव छोड़ दिया है। किसी समय में 93 परिवारों वाला यह गांव हमेशा चहल पहल से भरा रहता था। आज स्थिति यह है कि कई बड़े-बड़े मकान बंजर पड़े हैं। आंगन में घास उग गई है। गरीब परिवारों के लोग मजबूरी में गांव में रहने को विवश हैं। गांव छोड़ने का मुख्य कारण अच्छी शिक्षा का इंतजाम न होना और स्वास्थ्य की सुविधा न होना था, लेकिन अब तो जंगली जानवरों के आतंक से भी लोग इस कदर दुखी हैं कि गांव में रहना नहीं चाहते।

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उसैल गांव सातशिलिंग-थल मार्ग पर जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 1975 में जब यह इलाका सड़क सुविधा से जुड़ा तो लोगों को लगा कि शायद विकास होगा, लेकिन सड़क निर्माण से लोगों की जमीन तो कट गई, अन्य सुविधा कुछ नहीं मिली। 2005 से तो गांव छोड़ने का क्रम शुरू हो गया। अब तक 43 परिवार खटीमा, टनकपुर, पिथौरागढ़, दिल्ली समेत अन्य नगरों में जाकर बस गए हैं। आगे भी कई परिवार गांव छोड़ने की तैयारी में हैं।
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