{"_id":"5bdb3698bdec22694c343621","slug":"41541093016-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीपावली सूनी कर गया सूरज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीपावली सूनी कर गया सूरज
Updated Thu, 01 Nov 2018 10:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाचनी (पिथौरागढ़)। मसूरीकांठा और रातों बैंड के बीच हुआ बोलेरो हादसा देकुना ग्राम पंचायत के रातों तोक निवासी केदार सिंह की दीपावली सूनी कर गया। अन्य दिनों की तरह बृहस्पतिवार को भी सूरज अपनी बहन कविता के साथ घर से नाश्ता कर स्कूल जाने के लिए जीप में सवार हुए थे, लेकिन उन्हें क्या पता कि घर से महज एक किमी की दूरी पर उनके साथ यह अनहोनी होगी। घटनास्थल पर सूरज का बस्ता उसकी पीठ पर ही था। जिसने भी उसे देखा उसकी आंखें नम हो गई।
केदार सिंह की पारिवारिक स्थिति अच्छी नहीं है। उनके तीन पुत्र और एक बेटी है। बड़ी बेटी कविता 11वीं और बेटा सूरज सातवीं में जीआईसी तेजम में, जबकि दो छोटे बेटे गांव के पास ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते हैं। रातों से तेजम करीब नौ किमी दूरी पर है। दोनों भाई-बहन वाहन से ही अक्सर विद्यालय आते-जाते थे। बृहस्पतिवार को भी दोनों विद्यालय जाने को जीप में बैठे और हादसा हो गया।
कविता को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। उसके पिता केदार सिंह आजीविका के लिए कहीं बाहर काम करते हैं। वह एक वर्ष से घर पर ही थे। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से अभी पिछले माह ही वह काम की तलाश में फिर से बाहर चले गए हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में इलाज करा रही कविता को अभी यह नहीं मालूम कि दीपावली पर्व में उसका भाई उसे छोड़ कर चला गया है। सूरज को लेकर मां-बाप ने भी काफी सपने संजोए थे। उसकी मौत से मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
केदार सिंह की पारिवारिक स्थिति अच्छी नहीं है। उनके तीन पुत्र और एक बेटी है। बड़ी बेटी कविता 11वीं और बेटा सूरज सातवीं में जीआईसी तेजम में, जबकि दो छोटे बेटे गांव के पास ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते हैं। रातों से तेजम करीब नौ किमी दूरी पर है। दोनों भाई-बहन वाहन से ही अक्सर विद्यालय आते-जाते थे। बृहस्पतिवार को भी दोनों विद्यालय जाने को जीप में बैठे और हादसा हो गया।
विज्ञापन
कविता को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। उसके पिता केदार सिंह आजीविका के लिए कहीं बाहर काम करते हैं। वह एक वर्ष से घर पर ही थे। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से अभी पिछले माह ही वह काम की तलाश में फिर से बाहर चले गए हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में इलाज करा रही कविता को अभी यह नहीं मालूम कि दीपावली पर्व में उसका भाई उसे छोड़ कर चला गया है। सूरज को लेकर मां-बाप ने भी काफी सपने संजोए थे। उसकी मौत से मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।