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भारत-नेपाल देशों की जैव विविधता के संरक्षण के संयुक्त प्रयास होंगे
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धारचूला (पिथौरागढ़)। भारतीय वन्यजीव संस्थान दून की ओर से जैव विविधता एवं वन्यजीवों के संरक्षण पर अस्कोट अभ्यारण्य एवं अपि नम्पा संरक्षण क्षेत्र के बीच सीमापारीय सहयोग पर विविधता हमारी पहचान-हमारी धरोहर कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला हुई।
मुख्य अतिथि जीबी पंत पर्यावरण संस्थान कोसी अल्मोड़ा के निदेशक डॉ.आरएस रावल, विशिष्ट अतिथि डीएफओ डॉ. विनय भार्गव और नेपाल के अपि नंपा के चीफ वार्डन किशोर कुमार मेहता ने कार्यशाला का शुभारंभ किया।
कार्यशाला में जीबी पंत पर्यावरण संस्थान कोसी अल्मोड़ा, उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड, चिया, उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र, पवित्र कैलाश परियोजना, वन विभाग पिथौरागढ़, नेपाल अपि नम्पा सहित दोनों देश की संस्थाओं के वैज्ञानिकों व विशेषज्ञों ने जैव विविधता, वन्यजीवों के संरक्षण और अवैध तस्करी पर रोकथाम, दोनों देशों के वैज्ञानिक ज्ञान का आदान प्रदान पर सहयोग, पवित्र कैलाश भू क्षेत्र में अस्कोट और अपि नम्पा के बीच सीमापारीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से परिचर्चा की।
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डीएफओ डॉ. विनय भार्गव और नेपाल अपि नम्पा अक्का के चीफ वार्डन किशोर कुमार मेहता ने अपने-अपने क्षैत्र के जैवविविधता, वन्यजीवों के प्रबंधन के बारे में प्रोजेक्टर से दारमा, व्यास, चौदास के सरपंचों को जानकारी दी। डा. जनिता गुरुंग, डॉ.विनय पासावाला और परियोजना समन्वयक स्वप्निल चौधरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
नेपाल के अपि नम्पा संरक्षण समिति अध्यक्ष चक्र सिंह ह्यांकी ने जानवरों की अवैध तस्करी में कमी आने की जानकारी दी। कार्यशाला में दारमा सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास समिति से पूरन सिंह सेलाल, सरपंच दीपक रौंकली, लक्ष्मण कुटियाल, हरीश जेठा, सुरेश रायपा, मान सिंह धामी, चरण सिंह गर्ब्याल, जीत सिंह नबियाल, कुशल नपलच्याल, कुशल गुंज्याल, राजेश नपलच्याल, राजेश गरखाल, ग्राम प्रधान देवी दत्त उपाध्याय, सिंदल प्रसाद,जनक सिंह बिष्ट और एसएसबी,वन विभाग और नेपाल सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी मौजूद थे।
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मुख्य अतिथि जीबी पंत पर्यावरण संस्थान कोसी अल्मोड़ा के निदेशक डॉ.आरएस रावल, विशिष्ट अतिथि डीएफओ डॉ. विनय भार्गव और नेपाल के अपि नंपा के चीफ वार्डन किशोर कुमार मेहता ने कार्यशाला का शुभारंभ किया।
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कार्यशाला में जीबी पंत पर्यावरण संस्थान कोसी अल्मोड़ा, उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड, चिया, उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र, पवित्र कैलाश परियोजना, वन विभाग पिथौरागढ़, नेपाल अपि नम्पा सहित दोनों देश की संस्थाओं के वैज्ञानिकों व विशेषज्ञों ने जैव विविधता, वन्यजीवों के संरक्षण और अवैध तस्करी पर रोकथाम, दोनों देशों के वैज्ञानिक ज्ञान का आदान प्रदान पर सहयोग, पवित्र कैलाश भू क्षेत्र में अस्कोट और अपि नम्पा के बीच सीमापारीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से परिचर्चा की।
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डीएफओ डॉ. विनय भार्गव और नेपाल अपि नम्पा अक्का के चीफ वार्डन किशोर कुमार मेहता ने अपने-अपने क्षैत्र के जैवविविधता, वन्यजीवों के प्रबंधन के बारे में प्रोजेक्टर से दारमा, व्यास, चौदास के सरपंचों को जानकारी दी। डा. जनिता गुरुंग, डॉ.विनय पासावाला और परियोजना समन्वयक स्वप्निल चौधरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
नेपाल के अपि नम्पा संरक्षण समिति अध्यक्ष चक्र सिंह ह्यांकी ने जानवरों की अवैध तस्करी में कमी आने की जानकारी दी। कार्यशाला में दारमा सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास समिति से पूरन सिंह सेलाल, सरपंच दीपक रौंकली, लक्ष्मण कुटियाल, हरीश जेठा, सुरेश रायपा, मान सिंह धामी, चरण सिंह गर्ब्याल, जीत सिंह नबियाल, कुशल नपलच्याल, कुशल गुंज्याल, राजेश नपलच्याल, राजेश गरखाल, ग्राम प्रधान देवी दत्त उपाध्याय, सिंदल प्रसाद,जनक सिंह बिष्ट और एसएसबी,वन विभाग और नेपाल सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी मौजूद थे।