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दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
Updated Sat, 05 May 2018 10:56 PM IST
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पिथौरागढ़। दुष्कर्म के आरोपी ग्राम विकास अधिकारी की कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आरोपी को अदालत में आत्मसमर्पण के बाद जेल भेज दिया गया है।
मुनस्यारी थाना क्षेत्र में 23 मई 2017 को घर पर अकेली महिला के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी कमलेश्वर सिंह निवासी खटीमा आधार कार्ड के बहाने महिला के घर में घुसा। महिला को अकेला देखकर आरोपी ने जबरन दुष्कर्म किया। घटना की शिकायत करने पर उसे जान से मारने के साथ ही सरकारी लाभ से वंचित रखने की धमकी दी।
अगले दिन पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सबूत नहीं मिलने का हवाला देकर अंतिम रिपोर्ट लगा दी। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने अदालत में पुलिस रिपोर्ट को चुनौती दी। अभियोजन पक्ष की दलील सुनने के बाद अदालत ने आरोपी के खिलाफ समन जारी किया था। आखिरकार शुक्रवार को आरोपी ग्राम विकास अधिकारी ने सत्र न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
शनिवार को सत्र न्यायालय में आरोपी की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि अभी मामले में गवाही होनी है। आरोपी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर गवाही पर असर डाल सकता है। सुनवाई के दौरान अभियोजन के तर्कों, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी ग्राम विकास अधिकारी को जमानत देने से इनकार दिया। इसके साथ ही जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। अदालत के आदेश के बाद आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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मुनस्यारी थाना क्षेत्र में 23 मई 2017 को घर पर अकेली महिला के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी कमलेश्वर सिंह निवासी खटीमा आधार कार्ड के बहाने महिला के घर में घुसा। महिला को अकेला देखकर आरोपी ने जबरन दुष्कर्म किया। घटना की शिकायत करने पर उसे जान से मारने के साथ ही सरकारी लाभ से वंचित रखने की धमकी दी।
अगले दिन पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सबूत नहीं मिलने का हवाला देकर अंतिम रिपोर्ट लगा दी। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने अदालत में पुलिस रिपोर्ट को चुनौती दी। अभियोजन पक्ष की दलील सुनने के बाद अदालत ने आरोपी के खिलाफ समन जारी किया था। आखिरकार शुक्रवार को आरोपी ग्राम विकास अधिकारी ने सत्र न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
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शनिवार को सत्र न्यायालय में आरोपी की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि अभी मामले में गवाही होनी है। आरोपी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर गवाही पर असर डाल सकता है। सुनवाई के दौरान अभियोजन के तर्कों, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी ग्राम विकास अधिकारी को जमानत देने से इनकार दिया। इसके साथ ही जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। अदालत के आदेश के बाद आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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