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आईटीबीपी ने अब ठुलीगाड़ में छोड़ा सीवर
Updated Wed, 11 Apr 2018 10:48 PM IST
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पिथौरागढ़। सैन्य अस्पताल के बाद आईटीबीपी ने अब ठुलीगाड़ गधेरे में सीवर छोड़ दिया। क्षेत्रवासियों की शिकायत के बाद प्रशासन और विभागों की संयुक्त टीम ने छापा मार तो मामला सामने आया। जल संस्थान ने मौके से सैंपल भरकर जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
नगर में सैन्य अस्पताल के सीवरयुक्त पानी की आपूर्ति को अभी दो माह ही बीते थे कि अब जाजरदेवल स्थित आईटीबीपी की सातवीं वाहिनी का सीवर ठुलीगाड़ गधेरे में मिलने का मामला पकड़ में आया है। बुधवार को क्षेत्र में दुर्गंध फैली तो इसका खुलासा हुआ। क्षेत्रवासियों ने वाहिनी का सीवरेज रई गधेरे में डालते हुए पकड़ा। ग्रामीणों ने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी को फोन कर मौके पर बुलाया। जिपं अध्यक्ष की सूचना पर कुछ ही देर में प्रशासन और जल संस्थान की टीम भी मौके पर पहुंच गई। टीम ने वाहिनी का सीवर गधेरे में जाते हुए देखा।
वाहिनी का सीवर चैंबर गधेरे में खाली किया जा रहा था। यही रई गधेरा आगे चलकर ठुलीगाड़ पंपिंग योजना के अपस्ट्रीम में मिलता है। इस बीच जल संस्थान ने मौके से सीवरेज का सैंपल भी भरा। एसडीएम एसके पांडेय का कहना है कि सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वहीं, क्षेत्रवासियों ने आईटीबीपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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फूंक-फूंक कर कदम रख रहा जल संस्थान
आईटीबीपी के सीवर की रई गधेरे में निकासी के बाद जल संस्थान फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। ठुलीगाड़ पंपिंग स्टेशन के साथ ही कासनी स्थित फिल्टर प्लांट को अलर्ट कर दिया गया है। ईई विशाल कुमार ने बताया कि गंदे पानी की सप्लाई के साथ ही प्लांट बंद कर दिया जाएगा। ईई ने बताया कि जरूरत पड़ने पर गधेरे और प्लांट की सफाई भी कराई जाएगी।
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नगर में सैन्य अस्पताल के सीवरयुक्त पानी की आपूर्ति को अभी दो माह ही बीते थे कि अब जाजरदेवल स्थित आईटीबीपी की सातवीं वाहिनी का सीवर ठुलीगाड़ गधेरे में मिलने का मामला पकड़ में आया है। बुधवार को क्षेत्र में दुर्गंध फैली तो इसका खुलासा हुआ। क्षेत्रवासियों ने वाहिनी का सीवरेज रई गधेरे में डालते हुए पकड़ा। ग्रामीणों ने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी को फोन कर मौके पर बुलाया। जिपं अध्यक्ष की सूचना पर कुछ ही देर में प्रशासन और जल संस्थान की टीम भी मौके पर पहुंच गई। टीम ने वाहिनी का सीवर गधेरे में जाते हुए देखा।
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वाहिनी का सीवर चैंबर गधेरे में खाली किया जा रहा था। यही रई गधेरा आगे चलकर ठुलीगाड़ पंपिंग योजना के अपस्ट्रीम में मिलता है। इस बीच जल संस्थान ने मौके से सीवरेज का सैंपल भी भरा। एसडीएम एसके पांडेय का कहना है कि सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वहीं, क्षेत्रवासियों ने आईटीबीपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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फूंक-फूंक कर कदम रख रहा जल संस्थान
आईटीबीपी के सीवर की रई गधेरे में निकासी के बाद जल संस्थान फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। ठुलीगाड़ पंपिंग स्टेशन के साथ ही कासनी स्थित फिल्टर प्लांट को अलर्ट कर दिया गया है। ईई विशाल कुमार ने बताया कि गंदे पानी की सप्लाई के साथ ही प्लांट बंद कर दिया जाएगा। ईई ने बताया कि जरूरत पड़ने पर गधेरे और प्लांट की सफाई भी कराई जाएगी।