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भूकंप के मॉकड्रिल में विभागों के बीच तालमेल बिठाने का प्रयास
Updated Fri, 13 Oct 2017 10:43 PM IST
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पिथौरागढ़। नकली भूकंप आने के बाद किए गए राहत और बचाव के मॉकड्रिल के दौरान विभागों के बीच तालमेल बैठाने का प्रयास किया गया। 7.2 तीव्रता वाले इस नकली भूकंप में कई लोगों के मरने और कई लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई। दो लोग लापता बताए गए। मॉकड्रिल में यह बताया गया कि भूकंप से एक पुल नष्ट हुआ, एक बारातघर के टूटने से एक व्यक्ति को चोट आई। दस मकानों को नुकसान पहुंचा। दस जानवर घायल हुए।
मॉकड्रिल कई स्थानों पर किया गया। केएनयू राजकीय इंटर कॉलेज, सिल्थाम चौराहा, कलक्ट्रेट परिसर में भी काफी नुकसान की जानकारी दी गई। स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और व्यस्ततम चौराहों पर मॉकड्रिल करने के पीछे यही उद्देश्य रहा कि लोग भूकंप आने पर किस तरह अपना बचाव करेंगे और ऐसी घटना के समय किस तरह सरकारी तंत्र को सक्रिय रहना होगा। जिला अस्पताल में इलाज की व्यवस्था, घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने आदि के अभ्यास किए गए।
मॉकड्रिल में 37 लोगों की मौत, 100 से ज्यादा घायल दिखाए गए। मॉकड्रिल के बाद सभी आब्जर्वर की जिला कार्यालय में समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार भूकंप का मॉकड्रिल किया गया। उन्होंने कहा कि इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य है कि जिला स्तर पर भूकंप जैसी आपदा के बाद राहत, बचाव आदि कार्यों के लिए तैयारियां और निपटने के तरीके का प्रदर्शन करना था। ताकि आपदा के समय नुकसान के स्तर को कम से कम किया जा सके। उन्होंने मॉकड्रिल के समय जो कमियां रह गई हैं उनको दूर करने के निर्देश भी दिए।
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मॉकड्रिल में मुख्य विकास अधिकारी वंदना, अपर जिलाधिकारी मोहम्मद नासिर, पुलिस उपाधीक्षक शेखर चंद्र सुयाल, सेना के मेजर जगदीश जोशी, आब्जर्वर डॉ. अशोक पंत, डॉ. गिरीश चंद्र पंत, डॉ. सतीश चंद्र जोशी, डॉ. सरोज वर्मा, जीएस कर्नाटक, बीएस रावत, 14वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमांडेंट अशोक कुमार समेत एसएसबी, रेडक्रास सोसायटी के सदस्यों ने भाग लिया।
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मॉकड्रिल कई स्थानों पर किया गया। केएनयू राजकीय इंटर कॉलेज, सिल्थाम चौराहा, कलक्ट्रेट परिसर में भी काफी नुकसान की जानकारी दी गई। स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और व्यस्ततम चौराहों पर मॉकड्रिल करने के पीछे यही उद्देश्य रहा कि लोग भूकंप आने पर किस तरह अपना बचाव करेंगे और ऐसी घटना के समय किस तरह सरकारी तंत्र को सक्रिय रहना होगा। जिला अस्पताल में इलाज की व्यवस्था, घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने आदि के अभ्यास किए गए।
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मॉकड्रिल में 37 लोगों की मौत, 100 से ज्यादा घायल दिखाए गए। मॉकड्रिल के बाद सभी आब्जर्वर की जिला कार्यालय में समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार भूकंप का मॉकड्रिल किया गया। उन्होंने कहा कि इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य है कि जिला स्तर पर भूकंप जैसी आपदा के बाद राहत, बचाव आदि कार्यों के लिए तैयारियां और निपटने के तरीके का प्रदर्शन करना था। ताकि आपदा के समय नुकसान के स्तर को कम से कम किया जा सके। उन्होंने मॉकड्रिल के समय जो कमियां रह गई हैं उनको दूर करने के निर्देश भी दिए।
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मॉकड्रिल में मुख्य विकास अधिकारी वंदना, अपर जिलाधिकारी मोहम्मद नासिर, पुलिस उपाधीक्षक शेखर चंद्र सुयाल, सेना के मेजर जगदीश जोशी, आब्जर्वर डॉ. अशोक पंत, डॉ. गिरीश चंद्र पंत, डॉ. सतीश चंद्र जोशी, डॉ. सरोज वर्मा, जीएस कर्नाटक, बीएस रावत, 14वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमांडेंट अशोक कुमार समेत एसएसबी, रेडक्रास सोसायटी के सदस्यों ने भाग लिया।