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Pithoragarh News: गोरीछाल की 30 हजार की आबादी आज भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा से वंचित
Sun, 09 Feb 2025 11:18 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 09 Feb 2025 11:18 PM IST
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पिथौरागढ़। गोरीछाल क्षेत्र में बसे लोग स्वास्थ्य सुविधा से वंचित हैं। आयुर्वेदिक अस्पताल में अभी तक चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। 30 हजार की आबादी किसी तरह से आज भी उपचार के लिए 100 किमी दूर जिला अस्पताल पहुंचती है।
पिथौरागढ़ जिले के बंगापानी तहसील के लोगों के लिए उपचार की बेहतर सुविधा नहीं है। अस्पताल के नाम पर तहसील मुख्यालय से करीब पांच किमी की दूरी पर मवानी दवानी में आयुर्वेदिक अस्पताल है, लेकिन अस्पताल में चिकित्सक ही नहीं है। इस अस्पताल पर बंगापानी समेत मवानी दवानी, माणी धामी, धामी गांव, मदरमा, सेलमाली, दाखिम, आलम दारमा, सेरा, शिलिंग, सिरतोला, छोरीबगड़, बांसबगड़, मोरी, लुमती समेत 26 से अधिक गांवों की आबादी निर्भर है। सड़क सुविधा से विहीन कई गांव के लोगों उपचार के लिए पैदल चलकर अस्पताल पहुंचते हैं। चिकित्सक के अभाव में अस्पताल पहुंचे मरीजों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। कई बार मरीज मेडिकल स्टोर से दवा लेकर घर चले जाते हैं। अधिक परेशानी होने पर एक सौ किलोमीटर दूर जिला अस्पताल पहुंचना पड़ता है। लंबे समय से तमाम परेशानियों से जूझ रहे क्षेत्रवासियों ने अस्पताल में चिकित्सक की नियुक्ति करने की मांग की है।
कोट-
मवानी दवानी अस्पताल में तैनात चिकित्सक का स्थानांतरण पदोन्नति के आधार पर हुआ है। चिकित्सक के खाली पद को भरने के लिए निदेशालय स्तर पर कार्यवाही चल रही है। मरीजों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े इसके लिए सप्ताह में तीन दिन के लिए व्यवस्था की गई है। - डॉ. चंद्रकला भैसोड़ा, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, पिथौरागढ़।
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पिथौरागढ़ जिले के बंगापानी तहसील के लोगों के लिए उपचार की बेहतर सुविधा नहीं है। अस्पताल के नाम पर तहसील मुख्यालय से करीब पांच किमी की दूरी पर मवानी दवानी में आयुर्वेदिक अस्पताल है, लेकिन अस्पताल में चिकित्सक ही नहीं है। इस अस्पताल पर बंगापानी समेत मवानी दवानी, माणी धामी, धामी गांव, मदरमा, सेलमाली, दाखिम, आलम दारमा, सेरा, शिलिंग, सिरतोला, छोरीबगड़, बांसबगड़, मोरी, लुमती समेत 26 से अधिक गांवों की आबादी निर्भर है। सड़क सुविधा से विहीन कई गांव के लोगों उपचार के लिए पैदल चलकर अस्पताल पहुंचते हैं। चिकित्सक के अभाव में अस्पताल पहुंचे मरीजों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। कई बार मरीज मेडिकल स्टोर से दवा लेकर घर चले जाते हैं। अधिक परेशानी होने पर एक सौ किलोमीटर दूर जिला अस्पताल पहुंचना पड़ता है। लंबे समय से तमाम परेशानियों से जूझ रहे क्षेत्रवासियों ने अस्पताल में चिकित्सक की नियुक्ति करने की मांग की है।
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कोट-
मवानी दवानी अस्पताल में तैनात चिकित्सक का स्थानांतरण पदोन्नति के आधार पर हुआ है। चिकित्सक के खाली पद को भरने के लिए निदेशालय स्तर पर कार्यवाही चल रही है। मरीजों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े इसके लिए सप्ताह में तीन दिन के लिए व्यवस्था की गई है। - डॉ. चंद्रकला भैसोड़ा, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, पिथौरागढ़।
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