{"_id":"6851ab06f13fa5cf25095726","slug":"26-inter-colleges-of-gangolihat-block-are-running-on-the-basis-of-in-charge-principals-pithoragarh-news-c-230-1-pth1003-129188-2025-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: प्रभारी प्रधानाचार्यों के भरोसे चल रहे हैं गंगोलीहाट ब्लॉक के 26 इंटर कॉलेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: प्रभारी प्रधानाचार्यों के भरोसे चल रहे हैं गंगोलीहाट ब्लॉक के 26 इंटर कॉलेज
Tue, 17 Jun 2025 11:21 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 17 Jun 2025 11:21 PM IST
विज्ञापन
गंगोलीहाट(पिथौरागढ़)। पिथौरागढ़ जिले का सबसे बड़ा विकासखंड गंगोलीहाट के एक भी राजकीय इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य नहीं हैं। 26 इंटर काॅलेज प्रभारी प्रधानाचार्यों के भरोसे चल रहे हैं। इसका असर शिक्षण व्यवस्था पर पड़ रहा है।
गंगोलीहाट ब्लॉक में 26 राजकीय इंटर काॅलेज और 11 हाईस्कूल हैं। किसी भी इंटर कॉलेज में स्थायी प्रधानाचार्य नहीं है। सभी राजकीय इंटर कॉलेज प्रभारी प्रधानाचार्यों के भरोसे संचालित हैं। ऐसे में विद्यालय के शिक्षकों को ही प्रधानाचार्य का प्रभार दिया गया है। इससे वह अपने विषय को छात्र-छात्राओं को नहीं पढ़ा पा रहे हैं। इसके अलावा 11 हाई स्कूलों में शिक्षकों के 32 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। इससे भी बुरे हाल इंटर कॉलेजों का है। 26 इंटर कॉलेजों में केवल 60 स्थायी शिक्षक तैनात हैं। 52 पदों पर आज तक भी तैनाती नहीं हो पाई है। सरकार ने पांच वर्ष पहले प्रत्येक विकासखंड में दो-दो अटल उत्कृष्ट विद्यालय बनाए हैं। उनमें सीबीएसई पैटर्न में हिंदी और अंग्रेजी मीडियम से शिक्षा देने की बात कही थी। ऐसे में विद्यालयों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की कमी एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। संवाद
कोट-
शासन स्तर से प्रधानाचार्य के पद भरे जाने हैं। अभी विज्ञप्ति नहीं निकली है। गेस्ट टीचर की नियुक्ति होने पर प्राथमिकता के आधार पर विद्यालयों को शिक्षक दिए जाएंगे। - एचआर कोहली, सीईओ पिथौरागढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
गंगोलीहाट ब्लॉक में 26 राजकीय इंटर काॅलेज और 11 हाईस्कूल हैं। किसी भी इंटर कॉलेज में स्थायी प्रधानाचार्य नहीं है। सभी राजकीय इंटर कॉलेज प्रभारी प्रधानाचार्यों के भरोसे संचालित हैं। ऐसे में विद्यालय के शिक्षकों को ही प्रधानाचार्य का प्रभार दिया गया है। इससे वह अपने विषय को छात्र-छात्राओं को नहीं पढ़ा पा रहे हैं। इसके अलावा 11 हाई स्कूलों में शिक्षकों के 32 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। इससे भी बुरे हाल इंटर कॉलेजों का है। 26 इंटर कॉलेजों में केवल 60 स्थायी शिक्षक तैनात हैं। 52 पदों पर आज तक भी तैनाती नहीं हो पाई है। सरकार ने पांच वर्ष पहले प्रत्येक विकासखंड में दो-दो अटल उत्कृष्ट विद्यालय बनाए हैं। उनमें सीबीएसई पैटर्न में हिंदी और अंग्रेजी मीडियम से शिक्षा देने की बात कही थी। ऐसे में विद्यालयों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की कमी एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। संवाद
विज्ञापन
कोट-
शासन स्तर से प्रधानाचार्य के पद भरे जाने हैं। अभी विज्ञप्ति नहीं निकली है। गेस्ट टीचर की नियुक्ति होने पर प्राथमिकता के आधार पर विद्यालयों को शिक्षक दिए जाएंगे। - एचआर कोहली, सीईओ पिथौरागढ़
विज्ञापन