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वन संपदा को नुकसान पहुंचाने से आक्रोश
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कनालीछीना (पिथौरागढ़)। टनकपुर-तवाघाट एनएच पर सतगढ़ के पास किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण का मलबा मनमाने ढंग से डाले जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि जहां-तहां मलबा डालने से वन्य संपदा, चारागाह को नुकसान पहुंच रहा है। ग्राम पंचायत पलेटा के सरपंच देवी दत्त कापड़ी और पूर्व प्रधान परमानंद कापड़ी का आरोप है कि सीमा सड़क संगठन की ओर से सतगढ़ प्राइमरी स्कूल से पलेटा तक किए सड़क चौड़ीकरण की कटिंग के दौरान निकलने वाले मलबे को डंपिंग स्थलों में नहीं डाला जा रहा है। उनका कहना है कि सड़क के नीचे जहां-तहां डाला जा रहा है।
इससे वन संपदा के साथ ही उनके परंपरागत चारागाह और रास्ते को भी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की सहमति से सतगढ़ स्कूल और नैनीपातल कूड़ाघर के पास डंपिग स्थल बनाए गए थे, लेकिन मलबा इनमें नहीं डाला जा रहा है। उनका कहना है कि बरसात में मलबा उनके खेतों को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने मलबे को चिह्नित स्थलों में डालने और वन्य संपदा को नुकसान नहीं पहुंचाने का अनुरोध किया है।
इस संबंध में सीमा सड़क संगठन के ओसी प्रदीप कुमार का कहना है कि डंपिग जोन के लिए वन पंचायत पलेटा और वन विभाग से अनुमति ली है। उन्होंने बताया कि बरसात से पूर्व कार्य समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
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इससे वन संपदा के साथ ही उनके परंपरागत चारागाह और रास्ते को भी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की सहमति से सतगढ़ स्कूल और नैनीपातल कूड़ाघर के पास डंपिग स्थल बनाए गए थे, लेकिन मलबा इनमें नहीं डाला जा रहा है। उनका कहना है कि बरसात में मलबा उनके खेतों को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने मलबे को चिह्नित स्थलों में डालने और वन्य संपदा को नुकसान नहीं पहुंचाने का अनुरोध किया है।
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इस संबंध में सीमा सड़क संगठन के ओसी प्रदीप कुमार का कहना है कि डंपिग जोन के लिए वन पंचायत पलेटा और वन विभाग से अनुमति ली है। उन्होंने बताया कि बरसात से पूर्व कार्य समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
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