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छोटा कैलाश यात्रियों को भी मिलेगी हेली सेवा
Updated Tue, 10 Jul 2018 11:04 PM IST
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पिथौरागढ़। धारचूला में लगातार हो रही बारिश के चलते ऊपरी क्षेत्र के रास्ते ध्वस्त हैं। इससे छोटा कैलाश जाने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर कुमाऊं मंडल विकास निगम यात्रियों को धारचूला से बूंदी या गुंजी तक हेलीकॉप्टर सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार कर रहा है। इस संबंध में निगम की ओर से डीएम पिथौरागढ़ को पत्र भेजा गया है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ ही प्रतिवर्ष छोटा कैलाश की भी यात्रा होती है। इस वर्ष कैलाश यात्रा का पहला दल आधार शिविर धारचूला से पैदल ही कैलाश को रवाना हुआ। बाद में मौसम खराब होने पर अन्य दलों के यात्रियों को पिथौरागढ़ से वायु सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिये गुंजी पहुंचाया जा रहा है। कैलाश यात्रा मार्ग पर नजंग और लखनपुर के पास रास्ते ध्वस्त हैं। इसके चलते छोटा कैलाश के कुछ यात्री तो वापसी में मार्ग खराब होने से फंस गए। अब भी 10 यात्री रास्तों पर ही हैं।
अब लगातार मौसम की मार को देखते हुए केएमवीएन छोटा कैलाश यात्रियों को भी हेली सेवा मुहैया कराने पर विचार कर रहा है। निगम के जीएम टीएस मर्तोलिया ने बताया कि छोटा कैलाश यात्रियों को हेली सेेवा उपलब्ध कराने के लिए डीएम पिथौरागढ़ को पत्र लिखा गया है। यात्रियों का किराया निगम जमा कराएगा। छोटा कैलाश के यात्री धारचूला से पैदल बूंदी, गुंजी, कालापानी होते हुए नाभीढांग पहुंचते हैं। यहां से वापस गुंजी होते हुए कुटी, ज्योलिंगकांग से छोटा कैलाश पहुंचते हैं।
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पिछले वर्ष 331 यात्री गए छोटा कैलाश
पिथौरागढ़। पिछले वर्ष 331 यात्री छोटा कैलाश की यात्रा पर गए। इस वर्ष अब तक 179 यात्रियों ने यात्रा कर ली है। इनमें से अभी 10 यात्री यात्रा पर हैं। छोटा कैलाश के लिए जाने वाले दल में 12 से 20 तक यात्री होते हैं। कभी यह संख्या बढ़ भी जाती है। धारचूला से छोटा कैलाश की करीब 80 किमी की यात्रा है। छोटा कैलाश के लिए जुलाई में एक ही बैच है। अगस्त में यात्रियों की संख्या बढ़ जाएगी। धारचूला से बूंदी या गुंजी तक हेली सेवा मिलने से यात्रियों को काफी सुविधा होगी।
छोटा कैलाश यात्रियों को हेलीकॉप्टर सुविधा का प्रस्ताव अभी नहीं मिला है। यदि यात्रियों का किराया जमा होता है तो कोई दिक्कत नहीं है। वर्ष 2016 में यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए अलग-अलग रेट तय था। उसी आधार पर रेट तय किया जाएगा। -सी रविशंकर, डीएम पिथौरागढ़
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कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ ही प्रतिवर्ष छोटा कैलाश की भी यात्रा होती है। इस वर्ष कैलाश यात्रा का पहला दल आधार शिविर धारचूला से पैदल ही कैलाश को रवाना हुआ। बाद में मौसम खराब होने पर अन्य दलों के यात्रियों को पिथौरागढ़ से वायु सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिये गुंजी पहुंचाया जा रहा है। कैलाश यात्रा मार्ग पर नजंग और लखनपुर के पास रास्ते ध्वस्त हैं। इसके चलते छोटा कैलाश के कुछ यात्री तो वापसी में मार्ग खराब होने से फंस गए। अब भी 10 यात्री रास्तों पर ही हैं।
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अब लगातार मौसम की मार को देखते हुए केएमवीएन छोटा कैलाश यात्रियों को भी हेली सेवा मुहैया कराने पर विचार कर रहा है। निगम के जीएम टीएस मर्तोलिया ने बताया कि छोटा कैलाश यात्रियों को हेली सेेवा उपलब्ध कराने के लिए डीएम पिथौरागढ़ को पत्र लिखा गया है। यात्रियों का किराया निगम जमा कराएगा। छोटा कैलाश के यात्री धारचूला से पैदल बूंदी, गुंजी, कालापानी होते हुए नाभीढांग पहुंचते हैं। यहां से वापस गुंजी होते हुए कुटी, ज्योलिंगकांग से छोटा कैलाश पहुंचते हैं।
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पिछले वर्ष 331 यात्री गए छोटा कैलाश
पिथौरागढ़। पिछले वर्ष 331 यात्री छोटा कैलाश की यात्रा पर गए। इस वर्ष अब तक 179 यात्रियों ने यात्रा कर ली है। इनमें से अभी 10 यात्री यात्रा पर हैं। छोटा कैलाश के लिए जाने वाले दल में 12 से 20 तक यात्री होते हैं। कभी यह संख्या बढ़ भी जाती है। धारचूला से छोटा कैलाश की करीब 80 किमी की यात्रा है। छोटा कैलाश के लिए जुलाई में एक ही बैच है। अगस्त में यात्रियों की संख्या बढ़ जाएगी। धारचूला से बूंदी या गुंजी तक हेली सेवा मिलने से यात्रियों को काफी सुविधा होगी।
छोटा कैलाश यात्रियों को हेलीकॉप्टर सुविधा का प्रस्ताव अभी नहीं मिला है। यदि यात्रियों का किराया जमा होता है तो कोई दिक्कत नहीं है। वर्ष 2016 में यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए अलग-अलग रेट तय था। उसी आधार पर रेट तय किया जाएगा। -सी रविशंकर, डीएम पिथौरागढ़