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ग्रामीण महिलाओं को किसान का दर्जा मिले
Updated Thu, 01 Feb 2018 10:52 PM IST
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। दलित महिला किसान संगठन से जुड़े 16 संगठनों ने ग्रामीण महिलाओं को महिला किसान का दर्जा देने की मांग उठाई है। कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में कृषि को बढ़ावा देने के लिए ऐसा किया जाना बेहद जरूरी है। पहाड़ पर कृषि का ज्यादातर काम महिलाएं ही संभालती हैं।
बृहस्पतिवार को पर्यटक आवासगृह में हुई महिला किसानों के एक दिनी नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए अर्पण संस्था की सचिव रेनू ठाकुर ने महिला किसानों को उनके अधिकारों की जानकारी दी। ओरकल संस्था के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में प्रशिक्षण देते हुए रितू सौगानी ने महिलाओं को निर्णय लेने की क्षमता और महिला किसानों को सशक्त बनाने संबंधी कई टिप्स दिए।
कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए सजग रहना पड़ेगा। जब महिलाएं कृषि से संबंधित सारा काम करती हैं तो उनको किसान का दर्जा दिया जाना चाहिए और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ महिलाओं को मिलना चाहिए। प्रशिक्षण में कालिका, गैरागांव, तल्लागांव, देवल, संगलतड़, चिफलतरा, हुड़की, ओगला, अस्कोट, हिनकोट, कांडामानसिंह की 45 महिला किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण को संपन्न कराने में खीमा जेठी, मनोज नेगी, विनोद, जगदीश, हेमलता, ज्योति ने सहयोग दिया।
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बृहस्पतिवार को पर्यटक आवासगृह में हुई महिला किसानों के एक दिनी नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए अर्पण संस्था की सचिव रेनू ठाकुर ने महिला किसानों को उनके अधिकारों की जानकारी दी। ओरकल संस्था के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में प्रशिक्षण देते हुए रितू सौगानी ने महिलाओं को निर्णय लेने की क्षमता और महिला किसानों को सशक्त बनाने संबंधी कई टिप्स दिए।
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कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए सजग रहना पड़ेगा। जब महिलाएं कृषि से संबंधित सारा काम करती हैं तो उनको किसान का दर्जा दिया जाना चाहिए और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ महिलाओं को मिलना चाहिए। प्रशिक्षण में कालिका, गैरागांव, तल्लागांव, देवल, संगलतड़, चिफलतरा, हुड़की, ओगला, अस्कोट, हिनकोट, कांडामानसिंह की 45 महिला किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण को संपन्न कराने में खीमा जेठी, मनोज नेगी, विनोद, जगदीश, हेमलता, ज्योति ने सहयोग दिया।
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