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चार माह बाद हटा मदकोट पुलिस चौकी में घुसा मलबा
Updated Fri, 23 Nov 2018 11:18 PM IST
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मदकोट (पिथौरागढ़)। आपदा के दौरान मदकोट पुलिस चौकी में घुसा मलबा चार माह बाद हटाया जा सका। मलबे की सफाई के बाद शुक्रवार को किराए के भवन से चौकी को अपने भवन में शिफ्ट कर दिया है।
दो जुलाई को पहाड़ी पर हुए भूस्खलन से मदकोट पुलिस चौकी में मलबा भर गया था। चौकी के सभी कमरों के मलबे से पटने के कारण चौकी को एक किराए के कमरे में शिफ्ट करना पड़ा। तब से चौकी किराए के भवन में चल रही थी। किराए के भवन में यहां तैनात स्टाफ को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। बजट मिलने के बाद पिछले कुछ दिनों से चौकी में घुसे मलबे को हटाने का काम चल रहा था। शुक्रवार को भवन की सफाई के बाद पूजा अर्चना की गई। इसके बाद चौकी को अपने भवन में शिफ्ट कर दिया गया। इस दौरान एसओ नरेंद्र कुमार, यशवंत सिंह, कैलाश आदि पुलिस कर्मी थे।
अब भी मलबे से पटी है मदकोट की टीआरसी
मदकोट। दो जुलाई की रात पहाड़ी से निकला मलबा चौकी और टीआरसी में घुस गया था। चौकी में जमा मलबे की सफाई तो हो चुकी है, लेकिन टीआरसी में अब भी मलबा जमा है। हालात यह हैं कि टीआरसी के कक्षों में तीन से चार फुट तक कीचड़ जमा है, जबकि परिसर में सात फुट तक कीचड़ और बोल्डर पड़े हैं। मलबा साफ नहीं होने से टीआरसी का संचालन बंद पड़ा है। इसके चलते केएमवीएन को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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दो जुलाई को पहाड़ी पर हुए भूस्खलन से मदकोट पुलिस चौकी में मलबा भर गया था। चौकी के सभी कमरों के मलबे से पटने के कारण चौकी को एक किराए के कमरे में शिफ्ट करना पड़ा। तब से चौकी किराए के भवन में चल रही थी। किराए के भवन में यहां तैनात स्टाफ को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। बजट मिलने के बाद पिछले कुछ दिनों से चौकी में घुसे मलबे को हटाने का काम चल रहा था। शुक्रवार को भवन की सफाई के बाद पूजा अर्चना की गई। इसके बाद चौकी को अपने भवन में शिफ्ट कर दिया गया। इस दौरान एसओ नरेंद्र कुमार, यशवंत सिंह, कैलाश आदि पुलिस कर्मी थे।
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अब भी मलबे से पटी है मदकोट की टीआरसी
मदकोट। दो जुलाई की रात पहाड़ी से निकला मलबा चौकी और टीआरसी में घुस गया था। चौकी में जमा मलबे की सफाई तो हो चुकी है, लेकिन टीआरसी में अब भी मलबा जमा है। हालात यह हैं कि टीआरसी के कक्षों में तीन से चार फुट तक कीचड़ जमा है, जबकि परिसर में सात फुट तक कीचड़ और बोल्डर पड़े हैं। मलबा साफ नहीं होने से टीआरसी का संचालन बंद पड़ा है। इसके चलते केएमवीएन को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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