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बसंतोत्सव में निकली बौराणी की मशाल
Updated Mon, 19 Feb 2018 11:57 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत वसंतोत्सव में बौराणी (राममंदिर-गंगोलीहाट) की 27 फीट लंबी मशाल निकाली गई। पूरे नगर में घूमी मशाल आकर्षण का केंद्र रही।
चाख, राममंदिर क्षेत्र के लोग सोमवार को बौराणी की मशाल लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे। डोलास्थल रामलीला मैदान से शाम करीब 6.30 बजे ढोल, नगाड़ों की थाप और मशकबीन की धुन के बीच मशाल निकाली गई। मशाल नगर के मुख्य मार्गों में घूमी। लोगों ने घरों की छत में खड़े होकर मशाल के दर्शन किए, पुष्प और अक्षत चढ़ाए। नगर में घूमने के बाद मशाल देव सिंह मैदान मुख्य मंच में पहुंची।
मैदान में मशाल को जमीन में गाड़ दिया गया। राममंदिर (बौराणी) के सैम देवता के मंदिर में हर साल कार्तिक पूर्णिमा को मशाल निकाली जाती है। पुलईचापड़ नामक गांव से सैम मंदिर तक मशाल लाई जाती है। परिक्रमा के बाद मशाल को मंदिर परिसर में गाड़ दिया जाता है। मशाल चीड़ के छिलके से बनाई जाती है। सैम देवता के मशाल की बौराणी ही नहीं गंगोलीहाट, गणाईगंगोली, बेड़ीनाग क्षेत्र में काफी मान्यता है।
बौराणी की मशाल इससे पहले पिथौरागढ़ शरदोत्सव और गंगोलीहाट महोत्सव में आ चुकी है। करीब सौ किमी की दूरी पर स्थित राममंदिर से बौराणी मेला कमेटी के अध्यक्ष जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह बोरा शिवजी के नेतृत्व में चाख के प्रधान कुंदन बोरा, पूर्व प्रधान चंदन बोरा प्रकाश सिंह, गोकुल सिंह, जगत सिंह, मेहर सिंह, गोकुल सिंह, संजय सिंह, मशकबीन वादक नंदन राम, ढोल वादक पप्पू राम आदि मशाल लेकर यहां पहुंचे थे।
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चाख, राममंदिर क्षेत्र के लोग सोमवार को बौराणी की मशाल लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे। डोलास्थल रामलीला मैदान से शाम करीब 6.30 बजे ढोल, नगाड़ों की थाप और मशकबीन की धुन के बीच मशाल निकाली गई। मशाल नगर के मुख्य मार्गों में घूमी। लोगों ने घरों की छत में खड़े होकर मशाल के दर्शन किए, पुष्प और अक्षत चढ़ाए। नगर में घूमने के बाद मशाल देव सिंह मैदान मुख्य मंच में पहुंची।
मैदान में मशाल को जमीन में गाड़ दिया गया। राममंदिर (बौराणी) के सैम देवता के मंदिर में हर साल कार्तिक पूर्णिमा को मशाल निकाली जाती है। पुलईचापड़ नामक गांव से सैम मंदिर तक मशाल लाई जाती है। परिक्रमा के बाद मशाल को मंदिर परिसर में गाड़ दिया जाता है। मशाल चीड़ के छिलके से बनाई जाती है। सैम देवता के मशाल की बौराणी ही नहीं गंगोलीहाट, गणाईगंगोली, बेड़ीनाग क्षेत्र में काफी मान्यता है।
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बौराणी की मशाल इससे पहले पिथौरागढ़ शरदोत्सव और गंगोलीहाट महोत्सव में आ चुकी है। करीब सौ किमी की दूरी पर स्थित राममंदिर से बौराणी मेला कमेटी के अध्यक्ष जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह बोरा शिवजी के नेतृत्व में चाख के प्रधान कुंदन बोरा, पूर्व प्रधान चंदन बोरा प्रकाश सिंह, गोकुल सिंह, जगत सिंह, मेहर सिंह, गोकुल सिंह, संजय सिंह, मशकबीन वादक नंदन राम, ढोल वादक पप्पू राम आदि मशाल लेकर यहां पहुंचे थे।
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