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बांध विस्थापितों की मांगों पर विचार होगा
Updated Thu, 15 Feb 2018 11:01 PM IST
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पिथौरागढ़। पंचेश्वर बांध से विस्थापित होने वाले लोगों की समस्या को लेकर लगातार प्रयास कर रही पंचेश्वर घाटी संघर्ष समिति को प्रधानमंत्री कार्यालय से इस आशय का पत्र मिला है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। संघर्ष समिति ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर मांग की थी कि विस्थापित होने वाले हर परिवार को कम से कम 30 लाख रुपये की मदद एक साथ दी जाए।
संघर्ष समिति के संयोजक मनोज सिंह सामंत और अध्यक्ष मान सिंह सामंत की ओर से भेजे गए पत्र में मांग की गई कि डूब क्षेत्र में आ रही जमीन का मुआवजा जिला मुख्यालय में प्रचलित सर्किल मूल्य से छह गुना अधिक की दर से किया जाए, हर परिवार को खेतीबाड़ी के लिए पांच एकड़ जमीन और मकान बनाने के लिए 500 वर्गमीटर जमीन उपलब्ध कराई जाए। इन प्रमुख मांगों के अलावा पत्र में 41 और बिंदु भी शामिल किए गए हैं।
इनमें डूब क्षेत्र में आ रहे पेड़ों, धार्मिक स्थलों के संरक्षण की मांग की गई है। इसके अलावा डूब क्षेत्र से दो किलोमीटर के दायरे को संवेदनशील की श्रेणी में रखा जाए, क्योंकि इस इलाके में बांध बनने के बाद भूकटाव के खतरे बढ़ जाएंगे। समिति ने मुख्यमंत्री, केंद्रीय जल संसाधन मंत्री और पुनर्वास आयोग के अध्यक्ष को भी पत्र लिखा है।
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संघर्ष समिति के संयोजक मनोज सिंह सामंत और अध्यक्ष मान सिंह सामंत की ओर से भेजे गए पत्र में मांग की गई कि डूब क्षेत्र में आ रही जमीन का मुआवजा जिला मुख्यालय में प्रचलित सर्किल मूल्य से छह गुना अधिक की दर से किया जाए, हर परिवार को खेतीबाड़ी के लिए पांच एकड़ जमीन और मकान बनाने के लिए 500 वर्गमीटर जमीन उपलब्ध कराई जाए। इन प्रमुख मांगों के अलावा पत्र में 41 और बिंदु भी शामिल किए गए हैं।
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इनमें डूब क्षेत्र में आ रहे पेड़ों, धार्मिक स्थलों के संरक्षण की मांग की गई है। इसके अलावा डूब क्षेत्र से दो किलोमीटर के दायरे को संवेदनशील की श्रेणी में रखा जाए, क्योंकि इस इलाके में बांध बनने के बाद भूकटाव के खतरे बढ़ जाएंगे। समिति ने मुख्यमंत्री, केंद्रीय जल संसाधन मंत्री और पुनर्वास आयोग के अध्यक्ष को भी पत्र लिखा है।
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