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गांव तक सड़क पहुंची तो लोगों ने मिठाई बांटी
Updated Wed, 07 Feb 2018 10:56 PM IST
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बंगापानी/पिथौरागढ़। आजादी के 70 साल बाद बंगापानी तहसील के जाराजिबली क्षेत्र तक सड़क पहुंची तो गांव के लोगों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। गांव की 90 वर्षीय आमा उदीमा देवी सड़क पहुंचने से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को सहूलियत होगी।
वर्ष 2015 में नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से जाराजिबली के लिए 19.2 किमी सड़क स्वीकृत हुई थी। लोनिवि के पीएमजीएसवाई डिवीजन ने फरवरी 2016 में सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया। दो दिन पहले जाराजिबली के बाननी तोक तक सड़क का कटान हो गया था। बुधवार से वाहनों का संचालन भी होने लगा। गांव में टैक्सी पहुंची तो गांव के लोगों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लोगों ने मिठाई बांटकर एक-दूसरे को बधाई दी। सड़क न होने से इलाके के लोगों को 10 से 15 किमी पैदल चलना पड़ता था।
सामाजिक कार्यकर्ता उमेश धामी ने कहा कि इलाके के लोग कई दशकों से सड़क निर्माण की मांग उठा रहे थे। कांग्रेस शासनकाल में स्थानीय विधायक तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जाराजिबली सड़क को मंजूरी दी। सड़क स्वीकृत कराने में वर्तमान विधायक एवं तत्कालीन वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी की अहम भूमिका रही। इस दौरान साइड इंचार्ज नीरज भट्ट, हितेश वर्मा, विनोद सिंह, टिकेंद्र सिंह, कैलाश सिंह, भवान सिंह, दुर्गा सिंह, चंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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वर्ष 2015 में नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से जाराजिबली के लिए 19.2 किमी सड़क स्वीकृत हुई थी। लोनिवि के पीएमजीएसवाई डिवीजन ने फरवरी 2016 में सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया। दो दिन पहले जाराजिबली के बाननी तोक तक सड़क का कटान हो गया था। बुधवार से वाहनों का संचालन भी होने लगा। गांव में टैक्सी पहुंची तो गांव के लोगों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लोगों ने मिठाई बांटकर एक-दूसरे को बधाई दी। सड़क न होने से इलाके के लोगों को 10 से 15 किमी पैदल चलना पड़ता था।
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सामाजिक कार्यकर्ता उमेश धामी ने कहा कि इलाके के लोग कई दशकों से सड़क निर्माण की मांग उठा रहे थे। कांग्रेस शासनकाल में स्थानीय विधायक तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जाराजिबली सड़क को मंजूरी दी। सड़क स्वीकृत कराने में वर्तमान विधायक एवं तत्कालीन वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी की अहम भूमिका रही। इस दौरान साइड इंचार्ज नीरज भट्ट, हितेश वर्मा, विनोद सिंह, टिकेंद्र सिंह, कैलाश सिंह, भवान सिंह, दुर्गा सिंह, चंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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