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Pithoragarh News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास
Tue, 25 Feb 2025 11:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 25 Feb 2025 11:29 PM IST
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पिथौरागढ़। विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) शंकर राज की अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख एक हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह राशि नहीं चुकाने पर उसे पांच वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। इस मामले में दो आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है।
वर्ष 2021 में पीड़ित परिजनों ने नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के मामले में झूलाघाट थाने में तहरीर थी। यह भी आरोप था कि घटना की जानकारी देने पर परिजनों को जान से मारने की धमकी दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी गगन सिंह गोबाड़ी के खिलाफ धारा 323, 354, 363, 376, 504 और 506 के तहत और हरीश कोहली व कृष्णा के खिलाफ धारा 323, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने घटना की विवेचना कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। तब से यह मामला न्यायालय में चल रहा था।
इस मामले में मंगलवार को फैसला आया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) शंकर राज की अदालत ने आरोपी गगन सिंह गोबाड़ी को दोष सिद्ध करार देते हुए धारा 323 के अपराध के लिए एक वर्ष कठोर कारावास और एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। धारा 363 के अपराध के लिए सात वर्ष का कारावास और 20,000 रुपये, 506 के अपराध के लिए सात वर्ष कारावास और 10,000 रुपये और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 7 सपठित धारा 8 के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास और 20,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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कोर्ट ने दोषी को धारा 376 के अपराध के लिए 20 वर्ष कठोर कारावास और 50,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की धनराशि नहीं देने पर उसे पांच वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। दोषी की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। यदि दोषी जुर्माने की धनराशि जमा करता है तो इस धनराशि में से 90,000 रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे। इस मामले में अन्य दो आरोपी हरीश कोहली और कृष्णा को दोषमुक्त किया गया।
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वर्ष 2021 में पीड़ित परिजनों ने नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के मामले में झूलाघाट थाने में तहरीर थी। यह भी आरोप था कि घटना की जानकारी देने पर परिजनों को जान से मारने की धमकी दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी गगन सिंह गोबाड़ी के खिलाफ धारा 323, 354, 363, 376, 504 और 506 के तहत और हरीश कोहली व कृष्णा के खिलाफ धारा 323, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने घटना की विवेचना कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। तब से यह मामला न्यायालय में चल रहा था।
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इस मामले में मंगलवार को फैसला आया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) शंकर राज की अदालत ने आरोपी गगन सिंह गोबाड़ी को दोष सिद्ध करार देते हुए धारा 323 के अपराध के लिए एक वर्ष कठोर कारावास और एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। धारा 363 के अपराध के लिए सात वर्ष का कारावास और 20,000 रुपये, 506 के अपराध के लिए सात वर्ष कारावास और 10,000 रुपये और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 7 सपठित धारा 8 के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास और 20,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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कोर्ट ने दोषी को धारा 376 के अपराध के लिए 20 वर्ष कठोर कारावास और 50,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की धनराशि नहीं देने पर उसे पांच वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। दोषी की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। यदि दोषी जुर्माने की धनराशि जमा करता है तो इस धनराशि में से 90,000 रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे। इस मामले में अन्य दो आरोपी हरीश कोहली और कृष्णा को दोषमुक्त किया गया।