{"_id":"5b4a34434f1c1b41748b4a7b","slug":"191531589699-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नजंग में फंसे लोगों ने नीचे उतरने से मना किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नजंग में फंसे लोगों ने नीचे उतरने से मना किया
Updated Sat, 14 Jul 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। दो जुलाई की अतिवृष्टि के बाद से लापता लोगों की खोजबीन का कार्य शनिवार को भी जारी रहा। नजंग टॉप में शुक्रवार से फंसे तीन लोगों बसंती देवी, त्रिलोक सिंह निवासी रक्षाताल और मान सिंह निवासी नेपाल ने बचाव को पहुंची एसडीआरएफ, पुलिस की टीम को सुरक्षित होने की बात कहते हुए नजंग में ही रहने का लिखित पत्र दिया है।
सूचना विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार शाम पांच बजे धारचूला से गुंजी के लिए हेली सेवा शुरू हुई। गुंजी से 5 स्थानीय व्यक्तियों को धारचूला लाया गया। एसडीएम आरके पांडेय ने हेलीकॉप्टर से गुंजी पहुंचकर कैलाश मानसरोवर यात्रियों से वार्ता कर हालचाल जाना। एसडीएम शनिवार को गुंजी में ही रहे।
शनिवार तक चिकित्सा विभाग ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कुल 41 चिकित्सा शिविरों में 1640 व्यक्तियों का इलाज कर निशुल्क दवा बांटी। अब तक राजस्व विभाग द्वारा 208 प्रभावितों में से 133 प्रभावितों को कुल 15 लाख 83 हजार 560 रुपये की राहत राशि बांट दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूचना विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार शाम पांच बजे धारचूला से गुंजी के लिए हेली सेवा शुरू हुई। गुंजी से 5 स्थानीय व्यक्तियों को धारचूला लाया गया। एसडीएम आरके पांडेय ने हेलीकॉप्टर से गुंजी पहुंचकर कैलाश मानसरोवर यात्रियों से वार्ता कर हालचाल जाना। एसडीएम शनिवार को गुंजी में ही रहे।
विज्ञापन
शनिवार तक चिकित्सा विभाग ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कुल 41 चिकित्सा शिविरों में 1640 व्यक्तियों का इलाज कर निशुल्क दवा बांटी। अब तक राजस्व विभाग द्वारा 208 प्रभावितों में से 133 प्रभावितों को कुल 15 लाख 83 हजार 560 रुपये की राहत राशि बांट दी गई है।
विज्ञापन