{"_id":"5aa7fbc14f1c1bb3758b54a7","slug":"191520958401-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"23 लोगों को निवाला बना चुके तेंदुए की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
23 लोगों को निवाला बना चुके तेंदुए की मौत
Updated Tue, 13 Mar 2018 10:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैतड़ी/झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल के बैतड़ी जिले में 23 लोगों को मौत के घाट उतार चुके तेंदुए की मौत हो गई है। तेंदुए का शव नाले में मिला है। जहरीला पदार्थ खाने से मौत होने की अंदेशा जताया जा रहा है।
वन कार्यालय बैतड़ी से मिली जानकारी के अनुसार तल्लास्वारड़ के मेलौली नगरपालिका वार्ड संख्या 2 के नानीगाड़ के पास मंगलवार को तेंदुआ मृत अवस्था में पाया गया। वहां से गुजर रहे लोगों ने जिला प्रहरी कार्यालय और वन कार्यालय बैतड़ी को इसकी सूचना दी। प्रहरी कार्यालय ने बताया कि तेंदुए से दुर्गंध आने लगी है। इससे लगता है कि उसकी मौत किसी जहरीली वस्तु को खाने से हुई होगी। शव 3 दिन पुराना हो सकता है।
पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा। तेंदुए ने पिछले 3 सालों में 23 लोगों को अपना निवाला बनाया था। कुछ दिन पहले भी मैलोली नगरपालिका वार्ड संख्या 9 के रोकटा गांव में डेढ़ साल के बालक को तेंदुए ने घायल कर दिया था। वन विभाग ने तेंदुए को मारने के लिए कई बार शिकारियों को क्षेत्र में भेजा, लेकिन तेंदुआ शिकारियों के हत्थे नहीं चढ़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
वन कार्यालय बैतड़ी से मिली जानकारी के अनुसार तल्लास्वारड़ के मेलौली नगरपालिका वार्ड संख्या 2 के नानीगाड़ के पास मंगलवार को तेंदुआ मृत अवस्था में पाया गया। वहां से गुजर रहे लोगों ने जिला प्रहरी कार्यालय और वन कार्यालय बैतड़ी को इसकी सूचना दी। प्रहरी कार्यालय ने बताया कि तेंदुए से दुर्गंध आने लगी है। इससे लगता है कि उसकी मौत किसी जहरीली वस्तु को खाने से हुई होगी। शव 3 दिन पुराना हो सकता है।
विज्ञापन
पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा। तेंदुए ने पिछले 3 सालों में 23 लोगों को अपना निवाला बनाया था। कुछ दिन पहले भी मैलोली नगरपालिका वार्ड संख्या 9 के रोकटा गांव में डेढ़ साल के बालक को तेंदुए ने घायल कर दिया था। वन विभाग ने तेंदुए को मारने के लिए कई बार शिकारियों को क्षेत्र में भेजा, लेकिन तेंदुआ शिकारियों के हत्थे नहीं चढ़ा।
विज्ञापन