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गुवाहाटी में दरकोट के ऊनी वस्त्रों की धूम
Updated Wed, 21 Feb 2018 10:56 PM IST
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। गुवाहाटी (असम) में चल रहे आदि महोत्सव में मुनस्यारी के दरकोट गांव के अंगोरा ऊन से बने हस्तशिल्प की धूम मची है। बड़ी संख्या में लोग दरकोट के बने हस्तशिल्प कपड़ों को खरीद रहे हैं और काफी पसंद भी कर रहे हैं।
भारत सरकार के मिनिस्ट्री आफ ट्राइबल अफेयर की ओर से गुवाहाटी में 16 से 25 फरवरी तक देश के सभी स्थानों के जनजाति के हस्तशिल्पियों के लिए हथकरघा प्रदर्शनी लगाई गई है। दरकोट गांव की दमयंती पांगती भी हस्तशिल्प से तैयार कपड़ों को महोत्सव में ले गई हैं। यहां उत्तराखंड के स्टाल में लगे पांगती के स्टाल में ऊनी वस्त्रों की भारी बिक्री हो रही है। असम के लोगों को अंगोरा ऊन के बने कपड़े खूब पसंद आ रहे हैं।
पांगती ने बताया कि 20 फरवरी तक वह 4 लाख से अधिक का सामान बेच चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इसके बाद मुंबई में आदि महोत्सव होने जा रहा है, वहां वह अपने उत्पाद लेकर जाएंगी। दमयंती पांगती ने दरकोट गांव में 25 अंगोरा खरगोश पाल रखे हैं। अंगोरा से प्राप्त ऊन से कपड़ों को तैयार करवाती हैं। यही उनके आय का मुख्य साधन है।
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भारत सरकार के मिनिस्ट्री आफ ट्राइबल अफेयर की ओर से गुवाहाटी में 16 से 25 फरवरी तक देश के सभी स्थानों के जनजाति के हस्तशिल्पियों के लिए हथकरघा प्रदर्शनी लगाई गई है। दरकोट गांव की दमयंती पांगती भी हस्तशिल्प से तैयार कपड़ों को महोत्सव में ले गई हैं। यहां उत्तराखंड के स्टाल में लगे पांगती के स्टाल में ऊनी वस्त्रों की भारी बिक्री हो रही है। असम के लोगों को अंगोरा ऊन के बने कपड़े खूब पसंद आ रहे हैं।
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पांगती ने बताया कि 20 फरवरी तक वह 4 लाख से अधिक का सामान बेच चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इसके बाद मुंबई में आदि महोत्सव होने जा रहा है, वहां वह अपने उत्पाद लेकर जाएंगी। दमयंती पांगती ने दरकोट गांव में 25 अंगोरा खरगोश पाल रखे हैं। अंगोरा से प्राप्त ऊन से कपड़ों को तैयार करवाती हैं। यही उनके आय का मुख्य साधन है।
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