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डूब क्षेत्र के लोगों के साथ लगातार हुआ है छलावा
Updated Fri, 27 Oct 2017 11:06 PM IST
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पिथौरागढ़। महाकाली की आवाज जन संगठन के संयोजक शंकर खड़ायत ने राजनीतिक दलों पर पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में आने वाली जनता के साथ आजादी के बाद से छलावा करने का आरोप लगाया है। कहा कि इसी उपेक्षा का परिणाम है कि महाकाली नदी के किनारे रहने वाले लोगों की इस आधुनिक युग में ततैया के काटने से भी मृत्यु हो जाती है।
कहा कि आज राजनेता बांध प्रभावितों से लगाव दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, यदि पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और अलग-अलग सरकारों में जनप्रतिनिधि रहे लोग इतना लगाव पूर्व में दिखाते तो अब तक टनकपुर-जौलजीबी मार्ग, टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग के साथ सड़क और स्वास्थ्य की मूलभूत सुविधा डूब क्षेत्र में जुटी होती।
कहा कि राजनेता डूब क्षेत्र में जाकर यदि जनता से पूछें कि बांध बनना चाहिए या नहीं तो जनता का जवाब नहीं में होगा। खड़ायत ने कहा कि केंद्र सरकार बगैर जनता की सहमति के पंचेश्वर बांध को पर्यावरणीय स्वीकृति दिलाने जा रही है। इसका विरोध किया जाएगा। मांग की कि जनसुनवाई दोबारा होनी चाहिए।
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कहा कि आज राजनेता बांध प्रभावितों से लगाव दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, यदि पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और अलग-अलग सरकारों में जनप्रतिनिधि रहे लोग इतना लगाव पूर्व में दिखाते तो अब तक टनकपुर-जौलजीबी मार्ग, टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग के साथ सड़क और स्वास्थ्य की मूलभूत सुविधा डूब क्षेत्र में जुटी होती।
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कहा कि राजनेता डूब क्षेत्र में जाकर यदि जनता से पूछें कि बांध बनना चाहिए या नहीं तो जनता का जवाब नहीं में होगा। खड़ायत ने कहा कि केंद्र सरकार बगैर जनता की सहमति के पंचेश्वर बांध को पर्यावरणीय स्वीकृति दिलाने जा रही है। इसका विरोध किया जाएगा। मांग की कि जनसुनवाई दोबारा होनी चाहिए।
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