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शताब्दी समारोह में रिंगाल से बनी वस्तुओं का आकर्षण
Updated Sun, 22 Oct 2017 10:32 PM IST
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पिथौरागढ़। तीन कुमाऊं राइफल्स के शताब्दी समारोह में लगे विभिन्न प्रकार के स्टालों में उत्तरापथ संस्था की ओर से तैयार रिंगाल की वस्तुओं का स्टाल आकर्षण का केंद्र बना है।
स्टाल में रिंगाल से बने तीन प्रकार के गुलदस्ते, कूड़ेदान, फाइल कवर, फाइल बॉक्स, झूमर सेट, लैंप स्टैंड, हथकंडी, हॉटकेस, पेन स्टैंड, फलों की टोकरी, पूजा टोकरी, सर्विस टोकरी, चाय ट्रे, घड़ी स्टैंड जैसी विभिन्न प्रकार की वस्तुएं रखी गई हैं। स्टाल का संचालन सेना के जवान खुद कर रहे हैं। उनको मांग के अनुसार उत्तरापथ ने यह सामग्री उपलब्ध कराई है। स्टाल में रखी रिंगाल से बनी वस्तुओं को सेना के जवान हाथों हाथ ले रहे हैं। सोमवार तक यह स्टाल लगेगा।
उत्तरापथ के राजेंद्र पंत और पंकज कार्की ने बताया कि 3 कुमाऊं राइफल्स के अधिकारियों ने शताब्दी समारोह की तैयारी से पहले ही रिंगाल से बनी वस्तुओं की मांग की थी। उत्तरापथ ने अपने कारीगरों के माध्यम से इस सामग्री को तैयार किया। उन्होंने बताया कि रिंगाल को कई इलाकों में उगाया जा रहा है। रिंगाल के रेशे से बेहतरीन सजावटी सामान तैयार करने वाले कई कारीगर अब उपलब्ध हो गए हैं। सेना के अधिकारियों को यह जानकारी मिली थी कि उत्तरापथ विशिष्ट किस्म की सामग्री तैयार कर रहा है। इसीलिए उसे स्टाल लगाने के लिए आमंत्रण दिया गया।
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उत्तरापथ के राजेंद्र पंत ने बताया कि रिंगाल से बनी वस्तुएं पर्यावरण संरक्षण में सहायक होती हैं। प्लास्टिक या पॉलिथीन से बने कूडे़दान या अन्य सामग्री से नुकसान ज्यादा होते हैं। यदि लोग रिंगाल से बनी सामग्री का उपयोग करें तो उसके कई लाभ होंगे। उन्होंने बताया कि अगले चरण में यह सामग्री शरदोत्सव में भी लगाई जाएगी। इसके अलावा स्थानीय छोटे मेलों में भी संस्था का स्टाल लगाया जाता है और लोगों को इस नए प्रकार की सामग्री से परिचित कराया जाता है।
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स्टाल में रिंगाल से बने तीन प्रकार के गुलदस्ते, कूड़ेदान, फाइल कवर, फाइल बॉक्स, झूमर सेट, लैंप स्टैंड, हथकंडी, हॉटकेस, पेन स्टैंड, फलों की टोकरी, पूजा टोकरी, सर्विस टोकरी, चाय ट्रे, घड़ी स्टैंड जैसी विभिन्न प्रकार की वस्तुएं रखी गई हैं। स्टाल का संचालन सेना के जवान खुद कर रहे हैं। उनको मांग के अनुसार उत्तरापथ ने यह सामग्री उपलब्ध कराई है। स्टाल में रखी रिंगाल से बनी वस्तुओं को सेना के जवान हाथों हाथ ले रहे हैं। सोमवार तक यह स्टाल लगेगा।
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उत्तरापथ के राजेंद्र पंत और पंकज कार्की ने बताया कि 3 कुमाऊं राइफल्स के अधिकारियों ने शताब्दी समारोह की तैयारी से पहले ही रिंगाल से बनी वस्तुओं की मांग की थी। उत्तरापथ ने अपने कारीगरों के माध्यम से इस सामग्री को तैयार किया। उन्होंने बताया कि रिंगाल को कई इलाकों में उगाया जा रहा है। रिंगाल के रेशे से बेहतरीन सजावटी सामान तैयार करने वाले कई कारीगर अब उपलब्ध हो गए हैं। सेना के अधिकारियों को यह जानकारी मिली थी कि उत्तरापथ विशिष्ट किस्म की सामग्री तैयार कर रहा है। इसीलिए उसे स्टाल लगाने के लिए आमंत्रण दिया गया।
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उत्तरापथ के राजेंद्र पंत ने बताया कि रिंगाल से बनी वस्तुएं पर्यावरण संरक्षण में सहायक होती हैं। प्लास्टिक या पॉलिथीन से बने कूडे़दान या अन्य सामग्री से नुकसान ज्यादा होते हैं। यदि लोग रिंगाल से बनी सामग्री का उपयोग करें तो उसके कई लाभ होंगे। उन्होंने बताया कि अगले चरण में यह सामग्री शरदोत्सव में भी लगाई जाएगी। इसके अलावा स्थानीय छोटे मेलों में भी संस्था का स्टाल लगाया जाता है और लोगों को इस नए प्रकार की सामग्री से परिचित कराया जाता है।