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दो माह से कई गांवों की पेयजल सप्लाई ठप
Updated Sun, 03 Sep 2017 10:44 PM IST
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थल (पिथौरागढ़)। बौंगाड़ से हजेती तक बनी 15 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन में दो माह से पानी नहीं चल रहा है। योजना के मूल स्रोत में बनी टंकी भारी बारिश के दौरान टूट गई है। योजना की मरम्मत न होने से लोग खासे परेशान हैं।
1990 में बनी इस पेयजल योजना से हत्वालगांव, हजेती, अमतड़, पड़ियाग और लेकमाल गांव को पानी की सप्लाई होती है। अब तक जल संस्थान को योजना की मरम्मत के लिए धनराशि नहीं मिली है। गांव के लोगों ने कई बार योजना की मरम्मत करने और पानी की सप्लाई सुचारु करने की मांग को लेकर विभाग को पत्र दे दिए हैं।
हजेती के सामाजिक कार्यकर्ता कुंदन सिंह राठौर ने बताया कि जुलाई प्रथम सप्ताह में पेयजल योजना के मूल स्रोत पर बनी टंकी टूट गई थी। उसी दिन से पानी आना बंद हो गया था। गांव के लोग अब तक प्राकृतिक स्रोतों के पानी से काम चला रहे थे, अब धीरे-धीरे पेयजल स्रोतों का पानी कम होने लगा है। यदि जल्दी योजना की मरम्मत नहीं हुई तो चारों गांवों में संकट गहरा जाएगा।
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जल संस्थान के अवर अभियंता गजेंद्र मनोला ने कहा कि फिलहाल मूल स्रोत में नए पाइप लगाकर वैकल्पिक रूप से पानी चलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना की मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। धनराशि मिलते ही मूल स्रोत में नई टंकी का निर्माण कर दिया जाएगा।
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1990 में बनी इस पेयजल योजना से हत्वालगांव, हजेती, अमतड़, पड़ियाग और लेकमाल गांव को पानी की सप्लाई होती है। अब तक जल संस्थान को योजना की मरम्मत के लिए धनराशि नहीं मिली है। गांव के लोगों ने कई बार योजना की मरम्मत करने और पानी की सप्लाई सुचारु करने की मांग को लेकर विभाग को पत्र दे दिए हैं।
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हजेती के सामाजिक कार्यकर्ता कुंदन सिंह राठौर ने बताया कि जुलाई प्रथम सप्ताह में पेयजल योजना के मूल स्रोत पर बनी टंकी टूट गई थी। उसी दिन से पानी आना बंद हो गया था। गांव के लोग अब तक प्राकृतिक स्रोतों के पानी से काम चला रहे थे, अब धीरे-धीरे पेयजल स्रोतों का पानी कम होने लगा है। यदि जल्दी योजना की मरम्मत नहीं हुई तो चारों गांवों में संकट गहरा जाएगा।
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जल संस्थान के अवर अभियंता गजेंद्र मनोला ने कहा कि फिलहाल मूल स्रोत में नए पाइप लगाकर वैकल्पिक रूप से पानी चलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना की मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। धनराशि मिलते ही मूल स्रोत में नई टंकी का निर्माण कर दिया जाएगा।