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चाइल्ड हेल्पलाइन ने की बच्चों की काउंसिलिंग
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पिथौरागढ़। हिमाचल प्रदेश से भागकर आए दो बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति के आदेश पर चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 ने अपने संरक्षण में लिया। हेल्प लाइन के टीम सलाहकार ने बच्चों की काउंसिलिंग की। बच्चों ने बताया कि उनका परिवार पहले यहीं रहता था। बच्चे परिजनों की डांट से घूमने के लिए यहां पहुंच गए।
जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा रेनू ठाकुर ने बताया कि बच्चों के परिजनों से संपर्क कर लिया गया है। परिजनों के यहां पहुंचने पर बच्चों को उनके सुपुर्द कर दिया जाएगा। बताया कि पिथौरागढ़ में कोई आश्रय गृह न होने के कारण बाल कल्याण संस्थाओं द्वारा बच्चों को चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 के सुपुर्द किया जाता है। बताया कि गाइड लाइन के अनुसार बच्चों को 24 घंटे से अधिक समय तक नहीं रख सकते हैं।
बताया कि जब बच्चे चाइल्ड हेल्प लाइन के संपर्क में आए तो उनके पास गरम कपड़े नहीं थे। उन्हें कपड़े दिलाए गए और घर जाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने बताया कि बच्चे स्वस्थ हैं और घर जाने को तैयार हैं। बच्चों के माता-पिता ने बताया कि बच्चे चंचल प्रवृत्ति के हैं और उन्हें घूमना काफी पसंद है।
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जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा रेनू ठाकुर ने बताया कि बच्चों के परिजनों से संपर्क कर लिया गया है। परिजनों के यहां पहुंचने पर बच्चों को उनके सुपुर्द कर दिया जाएगा। बताया कि पिथौरागढ़ में कोई आश्रय गृह न होने के कारण बाल कल्याण संस्थाओं द्वारा बच्चों को चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 के सुपुर्द किया जाता है। बताया कि गाइड लाइन के अनुसार बच्चों को 24 घंटे से अधिक समय तक नहीं रख सकते हैं।
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बताया कि जब बच्चे चाइल्ड हेल्प लाइन के संपर्क में आए तो उनके पास गरम कपड़े नहीं थे। उन्हें कपड़े दिलाए गए और घर जाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने बताया कि बच्चे स्वस्थ हैं और घर जाने को तैयार हैं। बच्चों के माता-पिता ने बताया कि बच्चे चंचल प्रवृत्ति के हैं और उन्हें घूमना काफी पसंद है।
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