{"_id":"5abfc2014f1c1b9a618b4a81","slug":"181522516481-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांसद गांव जुम्मा में आदर्श जैसा कुछ नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांसद गांव जुम्मा में आदर्श जैसा कुछ नहीं
Updated Sat, 31 Mar 2018 10:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धारचूला (पिथौरागढ़)। केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री एवं सांसद अजय टम्टा के गोद लिए गांव जुम्मा के लोगों में गांव की उपेक्षा को लेकर रोष पनपने लगा है। गांव के लोगों ने राजकीय इंटर कॉलेज जुम्मा की अव्यवस्थाओं को लेकर मोर्चा खोल दिया है। एसडीएम आरके पांडेय के माध्यम से डीएम को भेजे ज्ञापन में अव्यवस्था दूर न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
गांव के लोगों ने कहा कि सांसद के आदर्श गांव जुम्मा में कुछ भी आदर्श नहीं है। क्षेत्रीय सांसद अजय टम्टा ने जब गांव को गोद लिया था तो गांव के लोगों में विकास की उम्मीद जागी थी। चार साल बाद यह उम्मीद धराशाई हो गई है। जीआईसी जुम्मा में प्रवक्ताओं के नौ पद सृजित हैं, लेकिन एक भी प्रवक्ता की तैनाती नहीं है। प्रधानाचार्य और एलटी वर्ग के अध्यापक के सहारे विद्यालय का संचालन हो रहा है। कार्यालय कार्य के लिए एक लिपिक तक विद्यालय में नहीं है।
विद्यालय में जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। जुम्मा की प्रधान राजेंद्री देवी के अगुवाई में ग्रामीणों ने डीएम को भेजे ज्ञापन में 10 अप्रैल तक विद्यालय में अध्यापकों की नियुक्ति नहीं होने पर तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। ज्ञापन में क्षेत्र पंचायत सदस्य किशन धामी, सोहन सिंह बिष्ट आदि के हस्ताक्षर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव के लोगों ने कहा कि सांसद के आदर्श गांव जुम्मा में कुछ भी आदर्श नहीं है। क्षेत्रीय सांसद अजय टम्टा ने जब गांव को गोद लिया था तो गांव के लोगों में विकास की उम्मीद जागी थी। चार साल बाद यह उम्मीद धराशाई हो गई है। जीआईसी जुम्मा में प्रवक्ताओं के नौ पद सृजित हैं, लेकिन एक भी प्रवक्ता की तैनाती नहीं है। प्रधानाचार्य और एलटी वर्ग के अध्यापक के सहारे विद्यालय का संचालन हो रहा है। कार्यालय कार्य के लिए एक लिपिक तक विद्यालय में नहीं है।
विज्ञापन
विद्यालय में जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। जुम्मा की प्रधान राजेंद्री देवी के अगुवाई में ग्रामीणों ने डीएम को भेजे ज्ञापन में 10 अप्रैल तक विद्यालय में अध्यापकों की नियुक्ति नहीं होने पर तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। ज्ञापन में क्षेत्र पंचायत सदस्य किशन धामी, सोहन सिंह बिष्ट आदि के हस्ताक्षर हैं।
विज्ञापन