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पश्चिम बंगाल के विद्यार्थियों ने जैव विविधता का अध्ययन किया
Updated Sat, 17 Feb 2018 10:41 PM IST
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। पश्चिम बंगाल के मिदनापुर कॉलेज के 40 विद्यार्थियों का दल यहां अस्कोट मृग विहार क्षेत्र के अंतर्गत गर्जिया और जमतड़ी गांव में जैव विविधता के अध्ययन के लिए पहुंचा है। विद्यार्थी तीन दिन तक क्षेत्र में रहेंगे और यहां मिलने वाली वनस्पति, वन्यजीवों के बारे में जानकारी हासिल करेंगे।
गर्जिया और जमतड़ी में विद्यार्थियों ने पेड़ों, पौधों, झाड़ियों, छोटी वनस्पतियों, घास का अध्ययन किया। मिदनापुर कॉलेज के जीव विज्ञान के प्राध्यापक डॉ. सुबोध घोष के नेतृत्व में पहुंचे विद्यार्थियों के दल की वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह बिष्ट ने मदद की। बिष्ट ने बताया कि वन विभाग ने कई दुर्लभ वनस्पतियों के संरक्षण की दिशा में भी काम किया है। नर्सरी में कई प्रकार के पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
मृग विहार के प्रतिबंधों के कारण पूरे इलाके में पेड़ों और वनस्पतियों को काटने पर रोक है। पिछले दस साल में यहां पर वनस्पतियां तेजी से पनपी हैं। यहां के प्राकृतिक नजारे को देखकर विद्यार्थी काफी खुश हैं। प्राध्यापक डा. घोष ने बताया कि सभी विद्यार्थी इस भ्रमण पर रिपोर्ट तैयार करेंगे और उसका मूल्यांकन किया जाएगा।
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गर्जिया और जमतड़ी में विद्यार्थियों ने पेड़ों, पौधों, झाड़ियों, छोटी वनस्पतियों, घास का अध्ययन किया। मिदनापुर कॉलेज के जीव विज्ञान के प्राध्यापक डॉ. सुबोध घोष के नेतृत्व में पहुंचे विद्यार्थियों के दल की वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह बिष्ट ने मदद की। बिष्ट ने बताया कि वन विभाग ने कई दुर्लभ वनस्पतियों के संरक्षण की दिशा में भी काम किया है। नर्सरी में कई प्रकार के पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
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मृग विहार के प्रतिबंधों के कारण पूरे इलाके में पेड़ों और वनस्पतियों को काटने पर रोक है। पिछले दस साल में यहां पर वनस्पतियां तेजी से पनपी हैं। यहां के प्राकृतिक नजारे को देखकर विद्यार्थी काफी खुश हैं। प्राध्यापक डा. घोष ने बताया कि सभी विद्यार्थी इस भ्रमण पर रिपोर्ट तैयार करेंगे और उसका मूल्यांकन किया जाएगा।
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