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ठंड के बीच आमरण अनशन जारी
Updated Thu, 04 Jan 2018 10:49 PM IST
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पिथौरागढ़। धारचूला तहसील के रांथी गांव की समस्याएं हल न होने से नाराज गांव के लोगों ने आंदोलन का रास्ता अपना लिया है। कड़ाके की ठंड के बीच युवक मंगल दल के पूर्व अध्यक्ष बलवंत सिंह बोरा ने आमरण अनशन शुरू किया है। गांव के कई लोग उनके समर्थन में धरने पर बैठे।
धारचूला तहसील मुख्यालय से छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित रांथी गांव के लोग प्रशासनिक उपेक्षा से बेहद खफा हैं। गांव के लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर उनकी उपेक्षा हुई है। यही नहीं गांव के कई लोगों को पात्रता होने के बावजूद सरकारी आवासीय योजना के लाभ से वंचित किया गया। रांथी के लोग अपनी समस्या को विभिन्न मंचों से उठाते रहे। एसडीएम को कई बार ज्ञापन दिए गए।
जब कोई समाधान नहीं निकला तो गांव के लोगों ने जिला मुख्यालय में आमरण अनशन का फैसला लिया। आमरण अनशन पर बैठे बोरा का कहना है कि ग्राम पंचायत में जितने भी प्राथमिक स्कूल हैं, उन सभी के भवन जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं। जीआईसी रांथी में विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों के शिक्षक नहीं हैं। प्रधानाचार्य का पद लंबे समय से रिक्त चल रहा है।
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ग्रामसभा के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक स्कूल बोरागांव, रुतिकोट, दानीधार, काफलगैर के भवन जर्जर हालत में पहुंच गए हैं। उनकी मरम्मत के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत अभियान का हल्ला तो खूब हो रहा है लेकिन गांव में सार्वजनिक शौचालय तक नहीं हैं। उनके साथ धरने पर कृष्ण सिंह बोरा, वीर सिंह बोरा, कल्याण सिंह बोरा, सचिन सिंह, देवेंद्र धामी, महेंद्र सिंह, राजेश सिंह आदि बैठे।
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धारचूला तहसील मुख्यालय से छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित रांथी गांव के लोग प्रशासनिक उपेक्षा से बेहद खफा हैं। गांव के लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर उनकी उपेक्षा हुई है। यही नहीं गांव के कई लोगों को पात्रता होने के बावजूद सरकारी आवासीय योजना के लाभ से वंचित किया गया। रांथी के लोग अपनी समस्या को विभिन्न मंचों से उठाते रहे। एसडीएम को कई बार ज्ञापन दिए गए।
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जब कोई समाधान नहीं निकला तो गांव के लोगों ने जिला मुख्यालय में आमरण अनशन का फैसला लिया। आमरण अनशन पर बैठे बोरा का कहना है कि ग्राम पंचायत में जितने भी प्राथमिक स्कूल हैं, उन सभी के भवन जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं। जीआईसी रांथी में विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों के शिक्षक नहीं हैं। प्रधानाचार्य का पद लंबे समय से रिक्त चल रहा है।
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ग्रामसभा के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक स्कूल बोरागांव, रुतिकोट, दानीधार, काफलगैर के भवन जर्जर हालत में पहुंच गए हैं। उनकी मरम्मत के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत अभियान का हल्ला तो खूब हो रहा है लेकिन गांव में सार्वजनिक शौचालय तक नहीं हैं। उनके साथ धरने पर कृष्ण सिंह बोरा, वीर सिंह बोरा, कल्याण सिंह बोरा, सचिन सिंह, देवेंद्र धामी, महेंद्र सिंह, राजेश सिंह आदि बैठे।